
मृणाल ठाकुर क्राइम जर्नलिज़्म करना चाहती थी। लेकिन मृणाल ठाकुर के पेरेंट्स उन्हें डॉक्टर बनना चाहते थे। मृणाल ठाकुर का सपना तो कुछ और ही था। मृणाल ठाकुर ने यूट्यूब चैनल पर एक इंटरव्यू के दौरान इस बात का ख़ुलासा किया है कि उन्होंने कई बार ऑडिशन दिया है लेकिन वह सलेक्ट नहीं होती थी। तब उन्हें ख़ुद पर भी भरोसा नहीं होता था।
मृणाल ठाकुर ने बताया कि जब भी वो अपनी शादी की बात सुना करती थी तब वह रोने लगती थी। उन्हें हमेशा इस बात का डर सताता था कि कहीं उनकी शादी 23 वर्ष में न हो जाए और फिर उनके बच्चे ना हो जाए। क्योंकि इस चीज़ से वो बहुत ज़्यादा घबराती थीं। ये चीज़ अपने साथ होता नहीं देख सकती थी।
मृणाल ठाकुर ने यह भी बताया कि वह जब इस स्ट्रगलिंग पीरियड में लोकल ट्रेन से सफ़र किया करती थी। तब वो ये सोचा करती थी की उस ट्रेन से कूदकर अपनी जान ले ले। क्योंकि वह जितना मेहनत करती थी उन्हें सक्सेस नहीं मिल रहा।
मृणाल ठाकुर कहती है कि 17-18 साल की उम्र में मुंबई में अकेले रहना खाना रेंट सब मैनेज करना मेरे लिए क्या किसी के लिए भी इतना आसान नहीं होता हैं। मृणाल ठाकुर कहती है कि जब भी वह एक्स्ट्रा 500 रुपये भी बैंक से निकाला करती थी तब उनके पापा को पता चल जाता था। मृणाल ठाकुर के लिए इतनी कम उम्र में मुंबई जैसे शहर में रहना एक संघर्ष बन गया था।
आपको बता दें कि एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर ने लव सोनिया, बाटला हाउस, सुपर 30, तूफ़ान और जर्सी जैसी फ़िल्में की हैं। इससे पहले भी उन्होंने TV पर कुमकुम भाग्य जैसे शो में बोहोत पसंद किया गया हैं।