
Tajdar Amrohi statement: दिग्गज फिल्ममेकर कमाल अमरोही के परिवार और एक्ट्रेस प्रीति जिंटा के बीच सालों पुराने पैसों के विवाद पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। कमाल अमरोही के बेटे ताजदार अमरोही ने हाल ही में इस मामले पर खुलकर बात की और प्रीति जिंटा के 2 करोड़ रुपये के दावे पर सवाल उठाए। उन्होंने ये भी कहा कि उनके भाई शानदार अमरोही ने प्रीति जिंटा को कानूनी रूप से गोद नहीं लिया था और उन्हें 600 करोड़ रुपये की संपत्ति देने की बात भी सही नहीं है।
प्रीति जिंटा ने दावा किया था कि उन्होंने शानदार अमरोही की कानूनी लड़ाई के दौरान आर्थिक मदद की थी। उनके मुताबिक, वकीलों की फीस और दूसरे खर्चों के लिए दी गई रकम लौटाई जानी थी। अगस्त 2011 में शानदार अमरोही की मौत के बाद प्रीति ने उनके कानूनी वारिसों से रकम वापस मांगी। जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने नवंबर 2013 में बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया। इस मामले में 2 करोड़ रुपये के साथ ब्याज की भी मांग की गई थी, जो करीब 80 लाख रुपये बताया गया।
हाल ही में एक इंटरव्यू में ताजदार अमरोही ने इस विवाद पर अपनी बात रखी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर प्रीति जिंटा ने शानदार अमरोही को रकम दी थी तो उनके जीवित रहते इसकी मांग क्यों नहीं की गई।
ताजदार ने कहा कि शानदार की मौत के काफी समय बाद पैसे मांगे जाने पर उनके मन में सवाल उठे थे। उन्होंने ये भी कहा कि वो प्रीति और उनके भाई के बीच किसी आर्थिक लेनदेन के गवाह नहीं थे। ताजदार के मुताबिक, अगर रकम दी गई थी तो उसका कोई रसीद और अन्य सबूत होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि उन्हें इस आर्थिक व्यवस्था की जानकारी नहीं थी।
ताजदार अमरोही ने इस दावे को भी खारिज किया कि शानदार अमरोही ने प्रीति जिंटा को अपनी संपत्ति में से 600 करोड़ रुपये देने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि प्रीति जिंटा को कानूनी रूप से गोद नहीं लिया गया था।
ताजदार ने अपने भाई शानदार अमरोही और प्रीति जिंटा के संबंधों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि शानदार अमरोही, प्रीति जिंटा के फैंन थे और उन्हें अलग-अलग उपहार भेजते थे। ताजदार के मुताबिक, इनमें फ्रिज और घड़ी जैसे तोहफे शामिल थे। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि वो इस पूरे मामले के हर पहलू पर विस्तार से बात नहीं करना चाहते।
ये मामला बॉम्बे हाई कोर्ट में कई चरणों से गुजरा। 2013-14 के दौरान अदालत ने शानदार अमरोही के कानूनी वारिसों को उनके और संचालित बैंक खातों की जानकारी देने के निर्देश दिए थे। ये उस समय की एक अंतरिम प्रक्रिया का हिस्सा था। बता दें, उस चरण में न तो प्रीति जिंटा को दावा की गई 2 करोड़ रुपये की रकम देने का अंतिम फैसला हुआ था और न ही उनके पूरे दावे को खारिज किया गया था।
जून 2023 तक भी इस मामले में प्रक्रिया से जुड़े आदेश दिए जा रहे थे और एचएसबीसी बैंक से पहले के निर्देशों के अनुपालन को लेकर सुनवाई आगे बढ़ाई गई थी। खबरों के मुताबिक, प्रीति जिंटा की 2 करोड़ रुपये की रिकवरी से जुड़े दावे पर अंतिम फैसला सामने नहीं आया था।