
मीना कुमारी और कमाल अमरोही की फोटो (फोटो सोर्स- IMDb)
Kamal Amrohi Son On Meena Kumari: मीना कुमारी और फिल्ममेकर कमाल अमरोही की प्रेम कहानी हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित कहानियों में से एक रही है। दोनों की मुलाकात फिल्म ‘अनारकली’ से नहीं बल्कि ‘दायरा’ और बाद में ‘पाकीजा’ जैसे प्रोजेक्ट्स से जुड़ी उनकी फिल्मी दुनिया के बीच हुई थी, लेकिन उनका रिश्ता निजी जिंदगी में भी गहराता चला गया।
कमाल अमरोही पहले से शादीशुदा थे और उनके बच्चे भी थे। ऐसे में मीना कुमारी से उनकी शादी ने परिवार में भी कई सवाल खड़े किए। अब कमाल अमरोही के बेटे ताजदार अमरोही ने बताया है कि उनकी मां को पिता की दूसरी शादी की जानकारी आखिर कैसे मिली थी।
विक्की ललवानी से बात करते हुए ताजदार ने बताया कि उनकी मां सईदा अल-जहरा मेहमूदी फिल्मी दुनिया से दूर रहने वाली महिला थीं। उन्हें फिल्मों और फिल्मी सितारों की दुनिया के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। एक दिन उन्होंने उस दौर की एक चर्चित फिल्म मैगजीन में कमाल अमरोही और मीना कुमारी के रिश्ते से जुड़ी खबर पढ़ी।
खबर में दोनों के बीच नजदीकियों और शादी की चर्चाओं का जिक्र था। यह पढ़कर सईदा के लिए यह खबर बेहद चौंकाने वाली थी, क्योंकि कमाल अमरोही का परिवार उत्तर प्रदेश में रहता था, जबकि वो खुद काम के सिलसिले में मुंबई में रहते थे। ताजदार ने बताया कि उनकी मां ने वह मैगजीन छिपाने की कोशिश की, लेकिन परिवार में मौजूद उनकी बेटी की नजर उस पर पड़ गई। इसके बाद बच्चों को भी पिता और मीना कुमारी के रिश्ते की जानकारी हुई।
इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि सईदा ने कथित तौर पर कमाल अमरोही से इस रिश्ते को लेकर कोई सीधा सवाल नहीं किया। ताजदार के अनुसार, उनकी मां ने कभी सार्वजनिक रूप से पति के खिलाफ नाराजगी नहीं दिखाई और न ही परिवार के सामने उन्हें अपमानित किया।
वह अपने पति के बारे में किसी की बुरी बात भी सुनना पसंद नहीं करती थीं। ताजदार के मुताबिक, उनकी मां का मानना था कि पति-पत्नी के बीच जो कुछ है, उसे बाहर चर्चा का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
कमाल अमरोही से शादी के बाद मीना कुमारी और उनकी पहली पत्नी की मुलाकात कई साल बाद हुई। उस समय मीना कुमारी की तबीयत खराब थी। यह खबर मिलने पर सईदा मुंबई पहुंचीं और अपनी सौतन से मिलने उनके पास गईं।
ताजदार के अनुसार, यह मुलाकात बेहद भावुक थी। सईदा ने मीना कुमारी के सामने अपने हाथों की चूड़ियां उतारकर उन्हें पहना दीं। इस दौरान उन्होंने ऐसा भाव व्यक्त किया, जिसमें पत्नी के रूप में अपने पति की खुशी को स्वीकार करने की भावना नजर आई।
यह दृश्य कमाल अमरोही के परिवार के लिए भी बेहद यादगार बन गया। सईदा बाहर से जितनी मजबूत नजर आती थीं, उनके भीतर उतना ही दर्द था। ताजदार बताते हैं कि वह दूसरों के सामने अपनी भावनाएं जाहिर नहीं करती थीं और अकेले में अक्सर रोती थीं।
ताजदार के मुताबिक, मीना कुमारी के साथ शादी के बाद भी कमाल अमरोही ने अपनी पहली पत्नी और बच्चों की जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ा। वह परिवार के खर्च और बच्चों की पढ़ाई का ध्यान रखते थे। यही वजह थी कि सईदा ने भी समय के साथ परिस्थितियों को अपने तरीके से स्वीकार किया। मीना कुमारी और कमाल अमरोही की शादी करीब दो दशक तक चली। हालांकि बाद के वर्षों में दोनों के रिश्ते में काफी तनाव आया और वे अलग रहने लगे। उनके तलाक को लेकर लंबे समय तक अलग-अलग दावे किए जाते रहे, लेकिन ताजदार के अनुसार दोनों का औपचारिक रूप से तलाक नहीं हुआ था।
मीना कुमारी का निधन 31 मार्च 1972 को हुआ। उनके जाने के बाद भी कमाल अमरोही और मीना कुमारी की प्रेम कहानी हिंदी सिनेमा के इतिहास की सबसे चर्चित कहानियों में बनी रही।
Updated on:
21 Aug 2026 03:43 pm
Published on:
21 Aug 2026 03:43 pm
