Raghav Chadha Dhurandhar 2 Dialogue: राज्यसभा से आप के उपनेता पद से हटने के बाद राघव चड्ढा ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए 'धुरंधर' अंदाज में अपना जवाब दिया है।
Raghav Chadha Dhurandhar 2 Dialogue: राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता राघव चड्ढा ने अब खुलकर प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ एक सुनियोजित राजनीतिक अभियान चलाया जा रहा है।
राघव चड्ढा ने अपने संदेश में साफ तौर पर कहा कि उन्होंने शुरुआत में इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देने से दूरी बनाए रखने का निर्णय लिया था, लेकिन बार-बार एक ही बात दोहराए जाने से भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। इसी कारण उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखने का फैसला किया। उन्होंने ये भी कहा कि समय आने पर सभी आरोपों की सच्चाई सामने आ जाएगी।
इसी वीडियो के आखिर में उन्होंने रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर का फेमस डायलॉग भी बोला। राघव ने कहा- 'घायल हूं इसलिए घातक हूं।'
पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों में यह भी कहा गया कि विपक्ष के वॉकआउट के दौरान वे सदन में मौजूद रहते थे। इस पर राघव चड्ढा ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि ऐसा कोई एक भी उदाहरण सामने आ जाए, तो वह जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने संसद की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग का हवाला देते हुए कहा कि वास्तविकता सबके सामने लाई जा सकती है।
इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े एक प्रस्ताव पर हस्ताक्षर न करने के आरोपों को भी उन्होंने खारिज किया। उनका कहना था कि इस विषय में उनसे औपचारिक रूप से कोई अनुरोध ही नहीं किया गया था। उन्होंने ये भी हिंट दिया कि कई दूसरे सांसदों ने भी इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए थे, इसलिए केवल उन्हें निशाना बनाना उचित नहीं है।
राघव चड्ढा ने अपने संसदीय कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य हमेशा जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देना रहा है। उन्होंने बताया कि कर व्यवस्था, महंगाई, रोजगार, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती, शिक्षा व्यवस्था, पर्यावरण और रेल यात्रियों की समस्याओं जैसे कई विषयों को उन्होंने सदन में उठाया है। उनका कहना था कि वो सदन में शोर-शराबा करने नहीं बल्कि प्रभावी बहस के माध्यम से लोगों की आवाज उठाने पहुंचे हैं।