
Ramayana Movie: नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। इसी बीच एक विदेशी पॉडकास्ट पर फिल्म को लेकर हुई बातचीत चर्चा में आ गई है। दरअसल, पॉडकास्ट होस्ट ने यश को देखकर कहा कि उन्हें शुरुआत में लगा था कि रावण ही फिल्म का हीरो है। इस पर साई पल्लवी ने ऐसा जवाब दिया कि फिल्म की कहानी के पीछे की सोच भी सामने आ गई।
हाल ही में रणबीर कपूर, यश और साई पल्लवी ने 'स्ट्रॉ हैट गूफी' पॉडकास्ट पर बातचीत की। इस दौरान होस्ट ने स्वीकार किया कि रामायण की मूल कहानी से पूरी तरह परिचित नहीं होने के कारण उन्हें यश का किरदार ही मुख्य नायक लगा। उन्होंने कहा कि फिल्म में रावण के किरदार के पीछे की वजहों को भी दिखाया गया है, जिससे उसके फैसलों को समझने का मौका मिलता है।
पॉडकास्ट होस्ट की बात पर साई पल्लवी ने बताया कि फिल्म की कहानी की शुरुआत रावण के किरदार से करना मेकर्स की सोची-समझी रणनीति है। उन्होंने समझाया कि रामायण में भगवान विष्णु तब अवतार लेते हैं, जब धरती पर बुराई बढ़ जाती है। ऐसा नहीं है कि भगवान विष्णु पहले से किसी को हराने के लिए तलाश रहे होते हैं, बल्कि अवतार लेने की जरूरत तब पड़ती है, जब बुराई को रोकना जरूरी हो जाता है।
साई पल्लवी ने कहा कि इसी वजह से फिल्म में पहले रावण का परिचय कराया गया है। दर्शकों को दिखाया जाएगा कि उसका सफर कैसे शुरू हुआ और आगे चलकर वह किस तरह का किरदार बन गया। उनके अनुसार, यही फिल्म की कहानी के पीछे का मकसद है।
इस बातचीत में यश ने भी अपने किरदार रावण से आगे बढ़कर भगवान राम के व्यक्तित्व पर बात की। उन्होंने कहा कि वह रावण के बारे में बात करने के बजाय भगवान राम के जीवन और उनके व्यवहार से जुड़ी बातें शेयर करना ज्यादा पसंद करेंगे।
यश के मुताबिक, बचपन से रामायण सुनते हुए लोगों का ध्यान अक्सर भगवान राम और हनुमान के बड़े-बड़े कारनामों पर जाता है, लेकिन भगवान राम की असली महानता उनके जीवन जीने के तरीके में छिपी है। हजारों साल बाद भी लोग उन्हें याद करते हैं और उनकी पूजा करते हैं, इसकी वजह उनका व्यवहार और मुश्किल परिस्थितियों से निपटने का तरीका है।
यश ने भगवान राम के धैर्य और संयम की तारीफ करते हुए जटायु से जुड़े एक सीन का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि जब किसी के परिवार के साथ कुछ गलत होता है, तो स्वाभाविक रूप से इंसान तुरंत प्रतिक्रिया देना चाहता है। लेकिन भगवान राम का तरीका इससे बिल्कुल अलग था।
यश के अनुसार, जटायु के साथ बातचीत वाले दृश्य में भगवान राम का व्यवहार दिखाता है कि वह बीती घटनाओं का बोझ लेकर आगे नहीं बढ़ते। वह हर परिस्थिति में वर्तमान में रहते हैं और चीजों को सकारात्मक नजरिए से देखते हैं। अभिनेता ने कहा कि भगवान राम के इसी स्वभाव से जीवन के कई बड़े सबक सीखे जा सकते हैं।