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क्या माता सीता ने भी लड़ा था राक्षसों से युद्ध? ‘रामायण’ के एक सीन ने छेड़ी नई बहस, मेकर्स ने दिया ये तर्क

Sai Pallavi Ramayana: निदेशक नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' में माता सीता के युद्ध वाले दृश्य को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया है। जानिए क्या कहते हैं शास्त्र और मेकर्स ने इस पर क्या सफाई दी है।
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Updated: 5 Nov 2026, 1:39 PM IST
Ramayan movie
रामायण फिल्म में माता सीता के युद्ध वाले सीन पर छिड़ा विवाद (सोर्स: X-@realadmirer3/@Bollyhungama)

Ramayan Movie: नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बनी मोस्टअवेटेड फिल्म 'रामायण' अब थिएटर्स में रिलीज हो चुकी है। फिल्म को इसके भव्य विजुअल्स और VFX के लिए सराहना मिल रही है, लेकिन इसके एक खास सीक्वेंस ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। फिल्म में एक सीन ऐसा है जहां एक्ट्रेस साई पल्लवी यानी माता सीता को भगवान राम के साथ वन में राक्षसों से मुकाबला करते हुए दिखाया है। इस सीन को लेकर फैंस और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच नाराजगी देखने को मिल रही है, क्योंकि कई लोगों का मानना है कि ये वाल्मीकि रामायण के मूल तथ्यों के साथ छेड़छाड़ है।

सोशल मीडिया पर यूजर्स का गुस्सा और तर्क

फिल्म रिलीज होने के बाद से ही X और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स इस बात पर आपत्ति जता रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि शास्त्रों के अनुसार माता सीता ने कभी भी युद्ध में प्रत्यक्ष हिस्सा नहीं लिया था। एक यूजर ने इसे 'स्कैम-याना' करार देते हुए लिखा कि खर और दूषण की 14,000 राक्षसों की सेना के खिलाफ भगवान राम ने अकेले ही युद्ध लड़ा था और उन्होंने सुरक्षा की दृष्टि से माता सीता और लक्ष्मण को दूर भेज दिया था। अन्य यूजर्स ने भी यही तर्क दिया कि माता सीता अत्यंत कोमल स्वभाव की थीं और भगवान राम उन्हें कभी भी रणभूमि में नहीं लाते थे। फिल्म में इस सीन को दिखाकर पौराणिक कथाओं के मूल स्वरूप को बदलने का आरोप लगाया जा रहा है।

वाल्मीकि रामायण बनाम अन्य ग्रंथ

पौराणिक ग्रंथों और महर्षि वाल्मीकि के द्वारा रचित 'रामायण' पर नजर डालें तो चौदह साल के वनवास के दौरान राक्षसों के साथ हुए संघर्षों में सीता जी की कोई युद्धक भूमिका नहीं मिलती है। खर-दूषण और उनकी विशाल सेना के वध का प्रसंग हो या फिर अन्य राक्षस वध, श्री राम ने अकेले ही धर्म की रक्षा की थी। शूर्पणखा की नाक काटने की घटना में भी लक्ष्मण जी की लीड रोल थी। हालांकि, जानकारों का ये भी मानना है कि सनातन साहित्य के अन्य वर्जन जैसे 'अद्भुत रामायण' में माता सीता के एक उग्र और शक्तिशाली स्वरूप का वर्णन जरूर मिलता है, जहां वो महाकाली का रूप धारण कर सहस्र रावण का वध करती हैं, लेकिन वाल्मीकि रामायण की मूल कथा और घटनाओं का क्रम इससे अलग है।

मेकर्स ने दी सफाई और रखा अपना पक्ष

इस पूरे विवाद पर फिल्म के मेकर्स की तरफ से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। फिल्म के लॉस एंजिल्स प्रीमियर के दौरान अंतरराष्ट्रीय मीडिया से बातचीत करते हुए निर्माता ने साफ किया कि उन्होंने कहानी के कुछ पहलुओं में क्रिएटिव लिबर्टी ली है। उन्होंने कहा कि वे इस बात को लेकर पूरी तरह स्पष्ट थे कि कुछ पात्रों और सीन में थोड़ा बदलाव किया जा सकता है, लेकिन भगवान राम की मर्यादा और उनके चरित्र के मूल स्वरूप के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है, क्योंकि वे देश की आस्था का केंद्र हैं। निर्माता ने आगे तर्क दिया कि 'अद्भुत रामायण' में माता सीता को एक योद्धा राजकुमारी के रूप में दर्शाया गया है।

फिल्म का बॉक्स ऑफिस और रिव्यू

दूसरी तरफ, क्रिटिक्स और मीडिया रिपोर्ट्स में 'रामायण' को मिला-जुला रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म के VFX, भव्यता और कलाकारों के अभिनय की तारीफ हो रही है, विशेषकर यश और रवि दुबे के काम को सराहा गया है। हालांकि, फिल्म की लंबी लंबाई, पटकथा की कमियों और पौराणिक प्रसंगों को जल्दबाजी में दिखाने को लेकर कुछ आलोचनाएं भी सामने आ रही हैं।

Updated on:
5 Nov 2026, 1:39 PM IST
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