
Samay Raina Viral Moment: कॉमेडियन समय रैना इन दिनों अपने शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ को लेकर चर्चा में हैं। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर समय रैना की तारीफ करते हुए उनका बचाव किया है। पूनावाला ने रैना को हमदर्द, समझदार और संवेदनशील इंसान बताया और कहा कि किसी व्यक्ति को उसके शब्दों या वायरल क्लिप से नहीं, बल्कि उसके कामों से परखना चाहिए।
खास बात यह है कि शहजाद पूनावाला ने अगस्त 2026 में BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने फैसले के पीछे व्यक्तिगत और आर्थिक परिस्थितियों का हवाला दिया था।
समय रैना के नए एपिसोड के रिलीज होने के बाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर लिखा कि लोग अक्सर समय को उनकी भाषा, जोक्स, वायरल कमबैक और अलग-अलग मोमेंट्स के आधार पर जज करते हैं। हालांकि, उनका मानना है कि किसी शख्स का असली चरित्र उन मौकों पर नजर आता है, जब उससे खुद को साबित करने की उम्मीद नहीं की जा रही होती।
पूनावाला ने कहा कि वह लोगों को उनके कामों से आंकना पसंद करते हैं। उन्होंने बताया कि वह समय के पिता को जानते हैं और अपने माता-पिता के प्रति समय का प्यार, जिम्मेदारी और समर्पण उन्हें किसी वायरल क्लिप से कहीं ज्यादा उनके व्यक्तित्व के बारे में बताता है।
शहजाद पूनावाला ने समय रैना से जुड़े हालिया वायरल पल का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि समय के पांच मार्क्स ने एवरेज को नौ कर दिया और इससे एक लड़की को जीतने में मदद मिली। पूनावाला के मुताबिक, इस घटना से ये दिखता है कि समय कई कदम आगे सोच रहे थे, लेकिन उससे ज्यादा अहम बात यह थी कि उन्होंने किसी और के बारे में सोचा।
उन्होंने समय के व्यक्तित्व की तारीफ करते हुए कहा कि उनके मजाकिया और बेबाक अंदाज के पीछे हमदर्दी, समझदारी और एक संवेदनशील दिल भी है।
पूनावाला ने समय रैना को लेकर अपनी पोस्ट में लिखा कि कभी-कभी किसी इंसान की वैल्यूज उसके बोलने के तरीके से नहीं, बल्कि उसके जीने के तरीके से बेहतर दिखाई देती हैं।
उन्होंने समय के नाम का जिक्र करते हुए लिखा कि वक्त बदलता रहता है। बुरा समय हमेशा नहीं रहता और अच्छा समय भी खत्म हो सकता है। इसलिए शालीन और विनम्र बने रहना चाहिए।
शहजाद पूनावाला ने 17 अगस्त 2026 को BJP से अपने इस्तीफे की पुष्टि की थी। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन को पत्र भेजकर राष्ट्रीय प्रवक्ता पद और प्राथमिक सदस्यता से मुक्त करने का अनुरोध किया था। पूनावाला ने कहा था कि वह निजी क्षेत्र में जाने का फैसला कर रहे हैं, हालांकि जहां संभव होगा, BJP और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का समर्थन करते रहेंगे।