
Rise and Fall 2 Controversy: रियलिटी शो 'Rise and Fall 2' को लेकर एक्टर करण पटेल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रेया कालरा के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। करण के 'रील्स' वाले कमेंट पर श्रेया ने पलटवार करते हुए कहा कि रियलिटी शो में हिस्सा लेने का मतलब ये नहीं है कि किसी का करियर सिर्फ उसी तक लिमिटेड है। बता दें, श्रेया ने करण पर रियलिटी टीवी के कंटेस्टेंट्स को नीचा दिखाने का आरोप लगाते हुए दूसरों के काम और पेशे का सम्मान करने की नसीहत दी।
श्रेया, 'राइज एंड फॉल 2' के कंटेस्टेंट ऋषभ जायसवाल की गर्लफ्रेंड हैं। ये विवाद तब शुरू हुआ, जब शो के एक हालिया एपिसोड में करण ने सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने को लेकर श्रेया और ऋषभ पर तंज कसा।
शो के दौरान श्रेया ने ऋषभ को बताया कि उनकी कमेंट्स सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इस पर करण ने तंज कसते हुए कहा, "कब तक रील्स में रहोगे? कभी रियल लाइफ में भी आओ।"
करण की इस टिप्पणी के बाद श्रेया ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि रियलिटी शो में नजर आने वाले लोगों की पहचान केवल उनके शो तक सीमित नहीं होती। टीवी और रियलिटी शो के अलावा भी उनके अपने करियर, प्रोजेक्ट्स, बिजनेस और दूसरी पेशेवर जिम्मेदारियां होती हैं।
श्रेया ने अपने जवाब में लिखा कि किसी रियलिटी शो में हिस्सा लेने का मतलब ये नहीं है कि कोई व्यक्ति सिर्फ उसी प्लेटफॉर्म पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि रियलिटी टीवी के बाहर भी कंटेस्टेंट्स की अपनी जिंदगी और पेशेवर पहचान होती है।
श्रेया के अनुसार, अगर कोई अपने पेशे के लिए सम्मान चाहता है, तो उसे दूसरों के काम का सम्मान करना भी सीखना चाहिए। उन्होंने करण के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि खुद रियलिटी शो का हिस्सा होने के बावजूद इस प्लेटफॉर्म से जुड़े लोगों को नीचा दिखाना सही नहीं है।
श्रेया ने आगे कहा कि लोगों को सिर्फ इसलिए नीचा दिखाना बंद करना चाहिए, क्योंकि वे रियलिटी टीवी से आए हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब करण खुद भी एक रियलिटी शो का हिस्सा हैं, तो उसी प्लेटफॉर्म की आलोचना करके वो क्या साबित करना चाहते हैं।
उन्होंने साफ किया कि रियलिटी शो का कंटेस्टेंट होना अपने आप में कोई समस्या नहीं है। असली परेशानी तब होती है, जब कोई खुद को बेहतर दिखाने के लिए दूसरों के काम को कमतर समझने लगता है। करण पटेल के कमेंट और श्रेया के जवाब के बाद रियलिटी टीवी कंटेस्टेंट्स की पेशेवर पहचान और सोशल मीडिया पर उनके काम को लेकर बहस शुरू हो गई है। श्रेया ने अपने बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि किसी व्यक्ति के काम को केवल उसकी सोशल मीडिया मौजूदगी के आधार पर नहीं आंकना चाहिए।