
Soni Razdan Troll: आलिया भट्ट की मां और एक्ट्रेस सोनी राजदान दिवाली पर पटाखे फोड़ने को लेकर दिए अपने बयान के बाद विवादों में फंस गई हैं। बता दें, पटाखों को 'जीवन-विरोधी', 'स्वास्थ्य-विरोधी' और 'राष्ट्र-विरोधी' बताने पर सोशल मीडिया पर उनकी ट्रोलिंग होनी शुरू हो गई। अब एक्ट्रेस ने इस पर सफाई देते हुए कहा है कि उनकी टिप्पणी का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। वो सिर्फ वायु प्रदूषण और लोगों की सेहत को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर रही थीं।
सोनी राजदान ने साफ करते हुए बताया कि पटाखे फोड़ने से कोई देशभक्त नहीं हो जाता और पटाखे न जलाने का फैसला करना भी राष्ट्र-विरोधी नहीं है। उनके अनुसार, कुछ पलों की खुशी के लिए जानबूझकर प्रदूषण बढ़ाना और पूरे समुदाय की सेहत को खतरे में डालना गैर-जिम्मेदाराना है।
ये विवाद तब शुरू हुआ, जब सोनी राजदान ने मंगलवार देर रात सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की। जिसमें उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे दिवाली पर पटाखे जलाने से पहले बच्चों की सेहत पर पड़ने वाले असर के बारे में सोचें।
70 वर्षीय एक्ट्रेस ने वायु प्रदूषण के कारण छोटे बच्चों को होने वाली परेशानियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदूषण की वजह से बच्चे बीमार पड़ते हैं और उन्हें कई दिनों तक स्कूल से छुट्टी लेनी पड़ती है। ऐसे हालात में दिवाली पर एक भी पटाखा जलाना उन्हें जीवन, हेल्थ और राष्ट्र के हितों के खिलाफ लगता है। उन्होंने लोगों से अपने और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सही विकल्प चुनने की अपील भी की।
सोनी की पोस्ट में 'राष्ट्र-विरोधी' शब्द के इस्तेमाल पर सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाए। कई लोगों ने पटाखे जलाने की परंपरा को इस तरह से जोड़ने पर अभिनेत्री की आलोचना की। गुरुवार को सोनी ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपनी बात स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनके संदेश को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं और असल मुद्दे से ध्यान भटका रहे हैं।
सोनी ने ये भी सवाल किया कि सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसे जरूरी मुद्दे को धार्मिक बहस में क्यों बदला जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी चिंता किसी धर्म या आस्था को लेकर नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक की सेहत को लेकर है।
एक्ट्रेस सोनी राजदान सफाई देते हुए बच्चों की परेशानी का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदूषण के कारण वे बीमार पड़ रहे हैं, स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है। यह समस्या किसी एक धर्म के लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी नागरिकों और उनके बच्चों से जुड़ी है। उन्होंने लोगों से अपने संदेश को किसी दूसरे मुद्दे से जोड़कर पेश न करने की अपील की। सोनी ने कहा कि साफ हवा में सांस लेना हर बच्चे का हक है और सामूहिक जिम्मेदारी के इस मुद्दे पर सभी को सहमत होना चाहिए।
सोनी राजदान ने अपनी एक अन्य पोस्ट में भी दिवाली पर पटाखे जलाने और उससे बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को लेकर चिंता जाहिर की थी। उन्होंने लिखा था कि ऐसा लग रहा है कि हर कोई दिवाली पर खूब पटाखे फोड़कर प्रदूषण बढ़ाने में अपना योगदान देना चाहता है।
उन्होंने ये भी कहा कि कुछ लोग संस्कृति और सामान्य समझ के बीच फर्क नहीं कर पाते या हर मुद्दे को धर्म से जोड़ देते हैं। इसी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई थी।