मनोरंजन

हो रही ‘थू-थू’… पाकिस्तानी सैनिकों को फिल्म में दिखाया था अच्छा; ट्रोलिंग पर ‘इक्कीस’ की अभिनेत्री का बड़ा बयान आया सामने

Suhasini Mulay Supports Ikkis: फिल्म ‘इक्कीस’ को लेकर हो रही आलोचनाओं पर अभिनेत्री सुहासिनी मुले ने खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने फिल्म के इंसानियत पक्ष का समर्थन करते हुए मौजूदा दौर के पोलिटिकल मोटिवेटेड सिनेमा पर भी सवाल उठाए।

2 min read
Jan 13, 2026
Suhasini Mulay photo

Suhasini Mulay Supports Ikkis: 1 जनवरी को रिलीज हुई फिल्म ‘इक्कीस’ बॉक्स ऑफिस पर भले ही उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई, लेकिन दर्शकों ने फिल्म को सराहा और इसके कलाकारों की भी प्रशंसा हुई। यह फिल्म दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म थी, इसलिए उनके फैंस के लिए यह एक बेहद भावुक पल भी रहा। हालांकि, फिल्म को आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा, क्योंकि इसमें पड़ोसी देश पाकिस्तान को पॉजिटिव और मानवीय दृष्टिकोण से दिखाया गया है। अब फिल्म में एक अहम भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री सुहासिनी मुले ने इस पहलू पर खुलकर बात की है और फिल्म का समर्थन किया है।

ये भी पढ़ें

Varun Dhawan in Border 2: इस इन्फ्लुएंसर को मिले 5 लाख रुपये, वरुण धवन के खिलाफ रची गई साजिश?

सुहासिनी मुले ने ‘इक्कीस’ का किया समर्थन (Suhasini Mulay Supports Ikkis)

मराठी और हिंदी सिनेमा की सशक्त अभिनेत्री सुहासिनी मुले ने फिल्म ‘इक्कीस’ के कॉन्सेप्ट, कहानी और उसके डिपिक्शन का खुलकर समर्थन किया है। फिल्म में उन्होंने महेश्वरी खेत्रपाल का किरदार निभाया है, जो मुख्य किरदार अरुण खेत्रपाल (अगस्त्य नंदा) की मां हैं।

गुवाहाटी में मीडिया से बातचीत के दौरान सुहासिनी मुले ने बताया कि फिल्म में सभी किरदारों को इंसानियत के पक्ष से साथ प्रस्तुत किया गया है। अपने विचार रखते हुए उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में फिल्मों और देश की आइडियोलॉजी में बड़ा बदलाव आया है हर विषय का धार्मिकरण हो रहा है, हिंसा और दूसरों के प्रति भेदभाव लगातार बढ़ता जा रहा है, चाहे वह अल्पसंख्यकों के साथ हो या किसी अन्य समुदाय के प्रति।

उन्होंने कहा, “आज का राजनीतिक सिनेमा वैचारिक रूप से दक्षिणपंथी हो गया है और धार्मिक प्रभुत्व सामान्य बात बन चुकी है। हिंसा का जिस तरह से प्रोजेक्शन किया जा रहा है, वैसा हमने पहले कभी नहीं देखा था। यह हिंसा मानसिक भी है और शारीरिक भी। इसके साथ ही ‘अन्यीकरण’ का बड़ा सवाल भी है, चाहे वह आदिवासी हों या अल्पसंख्यक, सिर्फ मुसलमान ही नहीं, बल्कि सभी अल्पसंख्यक।”

सुहासिनी मुले ने यह भी बताया कि उन्हें कहा गया है कि अगर आप अलग सोच या हटकर विचारधारा रखते हैं, तो ट्रोलिंग के लिए हमेशा तैयार रहना पड़ता है। वहीं अगर आप ‘द कश्मीर फाइल्स’ जैसी फिल्म बनाते हैं, तो आपको सराहना मिलती है और फिल्म को टैक्स फ्री भी कर दिया जाता है।"

ट्रोलिंग पर सुहासिनी ने कहा (Suhasini Mulay on Trolling)

सुहासिनी ने बताया कि उन्हें कहा गया है कि अगर आप हटकर या अलग विचारधारा रखते हैं, तो आपको ट्रोलिंग के लिए हमेशा तैयार रहना होगा। लेकिन यदि आप ‘द कश्मीर फाइल्स’ जैसी फिल्म बनाते हैं, तो आपको सराहा जाता है और आपकी फिल्म को टैक्स फ्री भी कर दिया जाता है।

‘इक्कीस’ के बारे में (Film Ikkis)

‘इक्कीस’ सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की कहानी है, जो परम वीर चक्र से सम्मानित होने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय सेना अधिकारी थे। फिल्म में दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र, अगस्त्य नंदा, सीमा भाटिया और जयदीप अहलावत ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं। इस फिल्म का निर्देशन श्रीराम राघवन ने किया है।

सुहासिनी मुले के बारे में (Suhasini Mulay)

सुहासिनी मुले हिंदी, मराठी और असमिया सिनेमा में अपने सशक्त अभिनय के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने ‘लगान’, ‘जोधा अकबर’ जैसी चर्चित फिल्मों और ‘उड़ान’ जैसे लोकप्रिय टीवी शो में अभिनय किया है। इसके अलावा, उन्होंने कई डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का निर्माण भी किया है। उनकी बनाई फिल्मों को राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

ये भी पढ़ें

‘धुरंधर’ में रहमान डकैत की पत्नी बन काटा था गदर… अब इस फिल्म में नजर आएंगी एक्ट्रेस सौम्या टंडन

Published on:
13 Jan 2026 05:18 pm
Also Read
View All

अगली खबर