लॉकडाउन ने पूरे देश के लोगों को समझा दिया कि ऐसे भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। इस सब्र का फल बहुत ही मीठा होने वाला है।
बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म निर्माता कुमार एस. तौरानी का कहना है कि साल 2020 बेहद चुनौती भरा नजर आया। फिल्म उद्योग जगत ही नहीं, बल्कि सभी उद्योगों और सभी क्षेत्रों के लिए कठिन दौर था। संकट ने हमें बहुत-कुछ सिखाया। कई विकल्प हमारे सामने आए, जिनसे लगा कि अब भविष्य में और भी कुछ बेहतर हो सकता है। जूम, गूगल मीट सहित कई ऑनलाइन प्लेटफॉम्र्स ने यह बता दिया कि काम करने के दूसरे तरीके भी हो सकते हैं। काम बिल्कुल बंद नहीं हो सकता है। 2020 के अनुभव हमें भविष्य संवारने में मदद करेंगे। पिछले कई सालों से ऑनलाइन स्ट्रीमिंग चैनल बढ़े हैं। लॉकडाउन के दौरान जब थिएटर बंद हो गए तो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए फिल्म उद्योग को सहारा मिला। फिल्म उद्योग डूबने से बच गया। बड़े बजट की फिल्मों को अभी थिएटर का इंतजार करना पड़ेगा।
2021 के बाद होगा और बेहतर -
2021 में कोरोना की वैक्सीन आ जाएगी। फिर भी भारत जैसे बड़े देशों में सब कुछ सामान्य होने में थोड़ा समय लगेगा। 2021 के बाद 2022 बेहतर वर्ष साबित होगा। सब्र का फल बहुत ही मीठा होने वाला है। फिर थियेटर जगमगाएंगे और फिल्में रिलीज होंगी। हमें उम्मीद है कि 2021 के बाद हम और बेहतर बनेंगे।