
Swati Mishra Spiritual Journey (सोर्स- एक्स)
Swati Mishra Spiritual Journey: सोशल मीडिया की चमक-दमक, बॉलीवुड सितारों के साथ काम और दुबई जैसी आलीशान जिंदगी… हर कोई ऐसी लाइफ पाने का सपना देखता है। लेकिन एक लड़की ने ये सब छोड़कर वृंदावन की गलियों में सादा जीवन चुन लिया। कभी बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज का मैनेजमेंट संभालने वाली स्वाति मिश्रा आज भक्ति और सेवा में अपना जीवन बिता रही हैं। अब लोग उन्हें उनके नए नाम ‘वृंदानी सहचरी’ से पहचानते हैं।
झांसी की रहने वाली स्वाति मिश्रा ने अपने करियर की शुरुआत सोशल मीडिया और सेलिब्रिटी मैनेजमेंट से की थी। उन्होंने मुंबई और दुबई में कई बड़े ब्रांड्स और बॉलीवुड कलाकारों के साथ काम किया। इंस्टाग्राम और टिकटॉक पर उनकी अच्छी-खासी फैन फॉलोइंग थी। फैशन, लग्जरी और हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल उनकी पहचान बन चुकी थी।
उन्होंने कहा- 10 साल तक मैंने घर पर बाल तक नहीं धोए. मेरा पर्सनल हेयर स्टाइलिस्ट और ड्रेस डिजाइनर था. पूरी लाइफस्टाइल एकदम लग्जरी थी. बिजनेस क्लास में सफर करती थी.
स्वाति ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनकी जिंदगी पूरी तरह आराम और सुविधाओं से भरी हुई थी। उनका हर काम स्टाफ संभालता था। महंगे कपड़े, बिजनेस क्लास के सफर और आलीशान जिंदगी उनके रोजमर्रा का हिस्सा थी। दुबई में नौकरी मिलने के बाद उनका करियर और तेजी से आगे बढ़ रहा था।
स्वाति की जिंदगी में बदलाव उस समय शुरू हुआ जब उन्होंने पहली बार प्रेमानंद महाराज का वीडियो देखा। शुरुआत में उन्होंने उस वीडियो पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन बार-बार वही वीडियो उनके सामने आने लगा। धीरे-धीरे उन्होंने गुरुजी के प्रवचन सुनने शुरू किए।
कुछ समय बाद उन्होंने वृंदावन जाने का फैसला किया। गुरु पूर्णिमा के मौके पर जब उन्होंने पहली बार प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए, तो उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे जिंदगी की दिशा ही बदल गई हो।
स्वाति ने बताया कि वृंदावन पहुंचने के बाद उनका मन दोबारा पुरानी जिंदगी में नहीं लगा। दुबई लौटने की तैयारी होने के बावजूद उन्होंने वहां वापस जाने का विचार छोड़ दिया। उन्हें लगा कि असली सुकून भक्ति और सेवा में है।
हालांकि यह सफर आसान नहीं था। शुरुआत में परिवार भी उनकी इस सोच को समझ नहीं पाया। आर्थिक परेशानियां भी सामने आईं, लेकिन उन्होंने भरोसा नहीं छोड़ा। उनका कहना है कि गुरुजी की कृपा से हर मुश्किल का रास्ता निकलता गया।
स्वाति की निजी जिंदगी में भी बड़ा मोड़ आया। उन्होंने बताया कि उनका रिश्ता तय हो चुका था, लेकिन जब सामने वाले परिवार को पता चला कि वह वृंदावन में रहकर संतों की सेवा करना चाहती हैं, तो उन्होंने साफ मना कर दिया। इसके बाद स्वाति ने रिश्ते को खत्म करना ही बेहतर समझा।
उनका कहना है कि उन्हें अब अपने जीवन में सबसे बड़ा सहारा गुरु और भक्ति में दिखाई देता है। अगर भविष्य में जो लिखा होगा वही होगा, लेकिन वृंदावन छोड़ने का विचार अब कभी नहीं आएगा।
आज स्वाति बेहद साधारण जीवन जी रही हैं। वो रोज सेवा करती हैं, मंदिर जाती हैं और साथ ही सीमित रूप में सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहती हैं। पहले जहां उन्हें करियर और काम खत्म होने का डर सताता था, वहीं अब उन्हें किसी चीज की चिंता नहीं होती।
स्वाति मानती हैं कि वृंदावन की मिट्टी में ही कुछ ऐसा है, जो इंसान को भीतर से बदल देती है। शायद यही वजह है कि ग्लैमर की दुनिया में रहने वाली यह इंफ्लुएंसर आज भक्ति और सादगी में अपनी नई पहचान खोज चुकी है।
Published on:
14 May 2026 08:52 am
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