
पराग त्यागी और शेफाली जरीवाला (Photo Source- Instagram)
Parag Tyagi interview Shefali Jariwala: साल 2025 में मनोरंजन जगत से एक ऐसी खबर आई जिसने सबको झकझोर कर रख दिया- मशहूर 'कांटा लगा' गर्ल शेफाली जरीवाला का अचानक निधन। इस खबर के बाद जहां उनके फैंस सदमे में थे, वहीं सोशल मीडिया पर उनकी मौत की वजहों को लेकर तरह-तरह की अटकलें और दावे शुरू हो गए। किसी ने कहा कि उन्होंने फिट दिखने के लिए सप्लीमेंट्स लिए, तो किसी ने 'गोरा' होने वाले इंजेक्शन को इसकी वजह बताया। अब पत्नी की मौत को लेकर और तमाम दावों और अफवाहों पर अभिनेता पराग त्यागी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।
पराग त्यागी ने 'फिल्मीज्ञान' संग खास बातचीत की। इस दौरान वह काफी इमोशनल भी नजर आए और उन्होंने उन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि शेफाली खुद को फिट रखने के लिए भूखी रहती थीं। पराग ने बताया, "शेफाली के निधन से महज एक दिन पहले हमने साथ बैठकर चाइनीज खाना खाया था। हमें भूखे रहने की जरूरत ही क्या थी? वह कुदरती तौर पर फिट थीं। लोग कहते हैं कि वह डाइटिंग करती थीं, लेकिन सच तो यह है कि अगर आप भूखे रहेंगे, तो आपके चेहरे की चमक चली जाएगी, जबकि शेफाली का चेहरा हमेशा दमकता रहता था।"
पराग ने आगे उन दावों पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि शेफाली ने जवान दिखने या गोरा होने के लिए इंजेक्शन का सहारा लिया था। पराग ने इस पर तीखा जवाब देते हुए कहा, "उन्हें और गोरा होने की भला क्या जरूरत थी? लोग कह रहे हैं कि इंजेक्शन से इंसान जवान रहता है। अगर आज ऐसा कोई इंजेक्शन होता जो इंसान को हमेशा जिंदा या जवान रख पाता, तो रतन टाटा जी जैसे महान लोग आज हमारे बीच होते।" पराग ने हाथ जोड़कर विनती की कि लोग इस तरह की अफवाहें न फैलाएं। उन्होंने कहा कि मौत का वक्त तय था और शेफाली की रूह आज भी उनसे जुड़ी हुई है।
शेफाली के स्वास्थ्य को लेकर पहले भी खबरें आई थीं कि उन्हें 15 साल की उम्र से मिर्गी (Epilepsy) की शिकायत थी, जिसका उन्होंने लंबा इलाज कराया और योग के जरिए खुद को संभाला। पराग ने एक पॉडकास्ट में यह भी कहा था कि उन्हें महसूस होता है कि किसी ने शेफाली पर 'काला जादू' किया था। उन्होंने कहा, "जहां भगवान है, वहां शैतान भी है। दुनिया में लोग अपने दुख से कम, दूसरों के सुख से ज्यादा दुखी हैं।"
इस मुश्किल दौर में पराग ने बताया कि उनका पेट डॉग 'सिंबा' उनका सबसे बड़ा सहारा बना है। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक बेजुबान जानवर उन्हें इस गहरे सदमे से उबरने में इतनी बड़ी मदद देगा। पराग ने हाल ही में शेफाली के नाम से एक एनजीओ (NGO) भी शुरू किया है, ताकि उनकी यादों को हमेशा जिंदा रखा जा सके।
Updated on:
14 May 2026 06:47 am
Published on:
14 May 2026 06:34 am
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