एटा

हेलीकॉप्टर से ससुराल पहुंची दो बहुए, सुरक्षा में लगी फोर्स, देखने के लिए उमड़ी भीड़

Helicopter wedding in Etah : कासगंज के पटियाली क्षेत्र के करनपुर गांव में बुधवार को उस समय उत्सव जैसा माहौल बन गया, जब दो चचेरे भाई अपनी-अपनी दुल्हनों को हेलीकॉप्टर से लेकर गांव पहुंचे।

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Mar 11, 2026
हेलीकॉप्टर से पहुंची दो दुल्हन, PC- AI

एटा : उत्तर प्रदेश के एटा जिले के अलीगंज विकासखंड में एक अनोखी और यादगार शादी देखने को मिली है। यहां दो चचेरे भाइयों की एक साथ भव्य शादी हुई, जिसमें दुल्हनों की विदाई हेलीकॉप्टर से की गई। इस अनोखे आयोजन ने पूरे इलाके में खूब चर्चा बटोरी और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

यह शादी बुलाकीनगर स्थित सहकारी समिति के उत्सव पैलेस में संपन्न हुई। देर रात तक चले जयमाला समारोह में रिश्तेदारों और आसपास के गांवों से आए ग्रामीणों की बड़ी संख्या मौजूद रही। दोनों विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूरे उत्साह से संपन्न हुए।

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पहली दुल्हन नीलम उर्फ सुमन हैं, जो मुन्नालाल की बेटी हैं। वे नगला बल्लभ, अलीगंज विकासखंड, एटा की रहने वाली हैं। नीलम ने एमए और डीएलएड की पढ़ाई पूरी की है और वे परिवार की सबसे छोटी बेटी हैं। उनके पिता मुन्नालाल कासगंज जिले की पटियाली तहसील के बामिया प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक हैं। नीलम का विवाह आशुतोष यादव से हुआ। आशुतोष एमबीए डिग्रीधारी हैं और कासगंज जिले की पटियाली तहसील के करणपुर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता रामदास एक किसान हैं।

दूसरी दुल्हन आकांक्षा हैं, जो रामकिशन गुरुदयाल की बेटी हैं। वे नगला कायमगंज, फर्रुखाबाद जिले की निवासी हैं। आकांक्षा का विवाह गौरव यादव से हुआ। गौरव ने आईटीआई का डिप्लोमा किया है और वे परिवार के बड़े बेटे हैं। गौरव भी करणपुर, पटियाली तहसील, कासगंज के रहने वाले हैं। उनके पिता सुधीर सिंह भी खेती-बाड़ी करते हैं।

शादी के बाद दोनों दुल्हनों की विदाई अलीगंज विकासखंड के नगला बल्लभ में बने हेलीपैड से हेलीकॉप्टर से कराई गई। हेलीकॉप्टर को देखने के लिए आसपास के कई गांवों से सैकड़ों लोग जमा हो गए। जैसे ही हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी, लोगों ने इस खास पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। हेलीकॉप्टर से हुई यह शाही विदाई पूरे क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बन गई।

कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रशासन ने 5 उपनिरीक्षक, 5 हेड कांस्टेबल, 10 आरक्षी (महिला और पुरुष), एक मुख्य आरक्षी, एक मोहरीर, एक कंट्रोल स्मोक, एक राजकीय वाहन और एक मुख्य आरक्षी चालक की ड्यूटी लगाई थी। इस विशेष सुरक्षा व्यवस्था के लिए सरकारी खजाने में 1 लाख 47 हजार 111 रुपये जमा कराए गए थे।

यह अनोखी शादी और हेलीकॉप्टर विदाई ने न सिर्फ परिवार वालों को खुशी दी, बल्कि पूरे इलाके में एक नई मिसाल भी पेश की है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी शादी उन्होंने पहले कभी नहीं देखी।

Published on:
11 Mar 2026 09:33 pm
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