पति की मृत्यु के बाद बृजेश कुमारी बघेल ने चुना लाइनवूमेन का पद, अब तक लाइनमैन के पद पर तैनात होते थे पुरुष
एटा। बिजली के पोल पर अब तक आपने सिर्फ पुरुष लाइनमैन को ही लाइट सही करते देखा होगा। लेकिन, अब यदि आपको कोई महिला वहां मौजूद दिखे तो चौंकिए नहीं। अब महिला भी लाइनवूमैन का काम करेगी। प्रदेश में पहली महिला लाइनमेन बनने का गौरव हासिल किया है एटा के जलेसर की बृजेश कुमारी बघेल ने। बृजेश बिजली के पोल के फॉल्ट बखूबी सही कर रही हैं।
पहली लाइन वूमेन बनीं बृजेश कुमारी बघेल
बिजली के खंभों पर खराब लाइन को ठीक करने का काम बेहद कठिन और मुश्किल माना जाता है। ये काम जोखिम भरा भी है। जरा सी चूक एक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। अब तक इस जोखिम भरे काम में पुरुष ही शामिल थे। लेकिन, अब महिला भी इस काम में शामिल हुई हैं। उत्तर प्रदेश की पहली लाइन वूमेन जलेसर की बृजेश कुमारी बघेल बनी हैं। बृजेश पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ट्रांसफॉर्मर, टूटे हुए तार को ठीक करती हुई दिखाई देंगीं। उन्होंने ये काम शुरू भी कर दिया है। बृजेश अपने छह बच्चों की जिम्मेदारी उठा रही हैं।
पति की मौत के बाद बृजेश ने ऐसे संभाला घर परिवार
यूपी पॉवर कारपोरेशन अपने अन्य वितरण निगमों में भी महिलाओं को इस तरह के काम करने के मौके दे सकती है। बृजेश के पति रविंद्र कुमार की मौत मार्च 2017 में बिजली दुर्घटना में हुई थी। बृजेश के कंधों पर तीन लड़कों और तीन लड़कियों की जिम्मेदारी थी। पति की मौत के बाद बृजेश ने बिजली विभाग में नौकरी करने की ठानीं। बृजेश ग्रेजुएट हैं और वे आॅफिस में काम कर सकती थी। लेकिन, उन्होंने आॅफिस में काम ना करके लाइनवूमेन बनने की पेशकश की। जिसके बाद उन्हें इस पद पर नौकरी दी गई। बृजेश के हौसले और हिम्मत को उनके गांव के लोग सलाम करते हैं, ग्रामीणों का कहना है कि बृजेश यदि चाहतीं तो फील्ड या आॅफिस में काम कर सकती थी। लेकिन, उसने चुनौतीभरा रास्ता चुना और कामयाब हुई।