
इटावा. इटावा जिला के पूठन सकरौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज के लिए आए दंपति ने डॉक्टर के साथ मारपीट कर दी। सूचना पर पहुंची यूपी 100 पुलिस मूकदर्शक बनी देखती रही। युवक ने डॉक्टर को जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने जब युवक को पकड़ने का प्रयास किया तो वह सिपाही को धक्का देकर भाग गया। डॉक्टर के साथ आरोपी के घर पहुंची पुलिस को महिला सिपाही न होने के कारण खाली हाथ वापस होना पड़ा। देरशाम पुलिस पति-पत्नी और उसके पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
सिविल लाइन क्षेत्र के पूठन सकरौली स्थित पीएचसी पर होम्योपैथिक डॉ. अभिषेक गुप्ता मरीजों को देख रहे थे, तभी गांव हरदासपुरा निवासी महावीर राजपूत पत्नी पुष्पा देवी के साथ उनके पास आए। युवक ने पत्नी की तबीयत खराब होने पर डॉक्टर से देखने को कहा, जब डॉक्टर ने तबीयत ठीक होने की बात कही तो महावीर भड़क उठा और उनके साथ बदसलूकी करने लगा। इसकी सूचना डॉक्टर ने यूपी 100 पर पुलिस को दी। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस बीचबचाव करके मूकदर्शक बनी रही। इसी बीच पति-पत्नी ने डॉक्टर के साथ मारपीट कर दी। जब पुलिस कर्मी उसे पकड़ने दौड़े तो महावीर ने पुष्पा को भगा दिया। इसी बीच दंपति का पुत्र राजीव भी झगड़े की सूचना पाकर मौके पर पहुंच गया मगर पुलिस ने किसी को पकड़ने का प्रयास नहीं किया। मौका पाकर पिता-पुत्र भी चले गए।
पुलिस की हीलाहवाली पर डॉक्टर ने सीएमओ समेत अन्य वरिष्ठ डॉक्टरों को घटना की सूचना। सीएमओ के हस्तक्षेप पर पुलिस डॉक्टर को साथ लेकर आरोपियों के घर पहुंची मगर घर में महिलाएं होने के कारण पुलिस खाली हाथ लौट आई, क्योंकि साथ में महिला पुलिस नहीं थी। इसके बाद डॉक्टर सिविल लाइन थाने पहुंचे मगर एसओ ने तहरीर लेने से मना कर दिया। सीएमओ को फिर हस्तक्षेप करना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने महावारी राजपूत, पत्नी पुष्पा देवी और पुत्र राजीव उर्फ राजू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर डॉक्टर को परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भिजवाया।
पीएमएस ने की दोषियों की गिरफ्तारी की मांग
पूठन सकरौली पीएचसी के डॉ. अभिषेक गुप्ता के साथ मारपीट व अभद्रता की निन्दा करते हुए पीएमएस की जिला इकाई ने दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है। जानकारी मिलने पर पीएमएस अध्यक्ष डॉ. जेपी चौधरी व सचिव डॉ. किशोर सागर जिला अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर का चेकअप कराया। अध्यक्ष डॉ. जेपी चौधरी का कहना है कि इस मामले में वह सीएमओ को पूरी जानकारी दी और एडीएम को भी ज्ञापन देकर अपनी की सुरक्षा की मांग की। मारपीट की निन्दा करने वालों में डॉ. आनंद सिंह कुशवाह, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. सतेंद्र यादव, डॉ. सुनील यादव व अन्य पीएमएस पदाधिकारी शामिल हैं।