- तबादले से नाराज दरोगा ने लगाई 40 किलोमीटर की दौड़ - मामला संज्ञान में आने के बाद लिया गया एक्शन - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का लगा है आरोप
इटावा. अपने तबादले से परेशान उत्तर प्रदेश के इटावा में दरोगा विजय प्रताप ने अपने नए तैनाती स्थल बिठोली में 65 किलोमीटर तक की दौड़ लगाने की ठानी। हालांकि, 40 किलोमीटर दौड़ने के बाद ही वह बेहोश हो गए जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया। वहीं, मामला संज्ञान में आने के बाद उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। इटावा पुलिस ने ट्वीट के माध्यम से कहा कि जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अनर्गल टिप्पणी करने एवं राजनीतिक बयानबाजी, ड्यूटी के दौरान गैरहाजिर, अनुशासनहीनता संबंधी कतिपय आरोपों के कारण उपनिरीक्षक विजय प्रताप को निलंबित किया गया है।
दरोगा पर पीएम के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का आरोप
इटावा के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने कहा कि उक्त दरोगा को अनुशासनहीनता के आरोप में दोषी पाया गया है। दरोगा ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पर अभद्र टिप्पणी की थी जिसे लेकर उनके खिलाफ पहले से ही जांच चल रही है। एसएसपी ने बताया कि इससे पहले दरोगा का भाजपा कार्यकर्ता को थप्पड़ मारने व सदर विधायक से अभद्रता करने का मामला भी आया था। मामले में एएसपी ग्रामीण ओमवीर सिंह को जांच सौंपी गई है।
आरआई ने जबरन किया तबादला
दरोगा विजय प्रताप ने अपनी मर्जी के खिलाफ तबादला किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। दरोगा ने कहा कि अधिकारों का दुरुपयोग कर उनका ट्रांसफर किया गया। इसका विरोध करते हुए उन्होंने 65 किलोमीटर तक दौड़ लगाने की ठानी लेकिन कुछ ही दूर तक दौड़ने के बाद वह बेहोश होकर गिर पड़े। दरोगा विजय प्रताप पुलिस लाइन में पोस्टेड थे और यहां से उनका तबादला बिठोली थाने कर दिया गया। इस बात से नाराज दरोगा ने अपने नए तैनाती स्थल तक दौड़ लगाकर विरोध किया।
दरोगा विजय प्रताप का आरोप है कि आरआई (रिजर्व इंस्पेक्टर ऑफ पुलिस) की तानाशाही की वजह से उनका तबादला किया गया। एसएसपी ने उन्हें पुलिस लाइन में ही रहने को कहा था, लेकिन आरआई जबरन उनका तबादला बिठोली थाने में करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इसे मेरी नाराजगी कहें या गुस्सा, मैने दौड़ते हुए बिठोली जाने का फैसला किया।
दौड़ कर किया तबादले का विरोध
दरोगा ने कहा कि वह पहले भी बिठोली में तैनात रह चुके हैं। वहां के प्रभारी से विवाद के बाद उन्हें पुलिस लाइन भेज दिया गया। लेकिन अब फिर उन्हें वहीं भेजा जा रहा है, जबकि वह न तो किसी थाने में पोस्टिंग की मांग कर रहे थे और न ही पुलिस लाइन से अलग जाना चाह रहे थे। इसलिए तबादले पर अपनी नाराजगी जाहिर करने का उन्होंने यह तरीका निकाला और तय किया कि 65 किलोमीटर की दूरी में दौड़कर नए तैनाती स्थल पहुंचेंगे। बता दें कि दरोगा विजय सिंह संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के खासे प्रशंसक हैं।