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इटावा में अपहरण का झूठा मुकदमा लिखवाना पड़ा महंगा, मेडिकल कॉलेज की महिला संविदा कर्मी दोस्त के साथ गिरफ्तार

Police Arrested Woman And Her Associate: इटावा पुलिस ने महिला को उसके सहयोगी के साथ गिरफ्तार किया है जिसने चार नामजद के साथ 6 पर अपने अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था।

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी, फोटो सोर्स- इटावा पुलिस

फोटो सोर्स- इटावा पुलिस

Etawah Police Arrested Woman And Her Associate: इटावा में एक महिला ने अपने दोस्त के साथ मिलकर चार लोगों पर अपने अपहरण का मुकदमा लिखवाया था। अपनी तहरीर में महिला ने बताया था कि ड्यूटी से वापस लौटते समय उसका अपहरण कर लिया गया, कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर सुनसान इलाके में छोड़ दिया। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। मिली तहरीर के आधार पर पुलिस ने संगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया, लेकिन जांच में मामला उलटा पाया गया। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद महिला का झूठ पकड़ा गया। अपर पुलिस अधीक्षक क्राइम ने बताया कि जांच के आधार पर महिला और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया गया है, कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना लवेदी थाना क्षेत्र की है।

सैफई मेडिकल कॉलेज में काम करती है महिला

उत्तर प्रदेश के इटावा के लवेदी थाना क्षेत्र अंतर्गत नगला निवासी सरिता, पत्नी राकेश कुमार, ने थाने में तहरीर देकर बताया कि 26 मई 2026 को मेडिकल कॉलेज से सफाई से ड्यूटी से वापस आते चार जान पहचान वाले और दो अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने बहला-फुसलाकर गाड़ी में बैठा लिया। धोखे से कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश कर दिया और गाड़ी से ले जाकर सुनसान इलाके में मरने के लिए छोड़ दिया।

अस्पताल में भर्ती कराया गया

अपनी तहरीर में महिला ने बताया कि उसे पुलिस ने उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। लवेदी थाना पुलिस ने मिली तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया। इधर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसओजी, सर्विलांस के साथ थाना पुलिस की टीम गठित की और जांच करने के निर्देश दिए।

जांच में मामला झूठ पाया गया

जांच टीम ने मिली तहरीर के आधार पर मौके का मुआयना किया। सीसीटीवी कैमरे, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों तथा तकनीकी विश्लेषण के आधार पर घटना की जांच की गई। पुलिस ने बताया कि महिला की तरफ से दी गई तहरीर के आधार पर जांच में पता चला कि नामजद व्यक्तियों की मौजूदगी घटनास्थल पर नहीं थी। पूछताछ में पता चला कि सरिता का नामजद आरोपियों के साथ पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

क्या कहते हैं अपर पुलिस अधीक्षक?

इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक अपराध ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध पाया गया था। इस मामले में सर्विलांस, एसओजी के साथ थाना पुलिस को भी लगाया गया। सरिता ने अपने सहयोगी अमरपाल यादव पुत्र हृदय राम निवासी गौरा दयालपुर थाना चौबिया के साथ मिलकर जान पहचान के लोगों को फंसाने का षड्यंत्र किया।

पैसे के लेनदेन में झूठा आरोप लगाया

एएसपी ने बताया कि षड्यंत्र रचने की बात सामने आई है। जांच में जानकारी हुई कि महिला का चार लोगों के साथ पैसे का लेनदेन था। दोनों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। सरिता और अमरपाल को न्यायालय के माध्यम से जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। ‌