इटावा

तबादले से नाराज दरोगा ने 65 किलोमीटर दौड़कर थाने पहुंचने का लिया निर्णय, कहा जबरन किया तबादला

- 40 किलोमीटर तक दौड़ने के बाद बेहोश हुए दरोगा- दरोगा ने कहा आरआई की तानाशाही से किया उनका तबादला

2 min read
Nov 16, 2019
तबादले से नाराज दरोगा ने 65 किलोमीटर दौड़कर थाने पहुंचने का लिया निर्णय, कहा जबरन किया तबादला
तबादले से नाराज दरोगा ने 65 किलोमीटर दौड़कर थाने पहुंचने का लिया निर्णय, कहा जबरन किया तबादला

इटावा. उत्तर प्रदेश के इटावा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अपने तबादले से परेशान दरोगा विजय प्रताप ने अपने नए तैनाती स्थल बिठोली में 65 किलोमीटर तक की दौड़ लगाने की ठानी। हालांकि, पुलिस लाइन से दौड़ते हुए दरोगा जब 40 किलोमीटर तक आगे निकल आए, तो हनुमंतपुरा के पास बेहोश होकर गिर पड़े। आनन-फानन में लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।

दौड़ कर तबादले का विरोध

दरोगा का कहना है कि अधिकारों का दुरुपयोग कर उनका ट्रांसफर किया गया। इसका विरोध करते हुए उन्होंने 65 किलोमीटर तक दौड़ लगाने की ठानी लेकिन कुछ ही दूर तक दौड़ने के बाद वह बेहोश होकर गिर पड़े। दरोगा विजय प्रताप पुलिस लाइन में पोस्टेड थे और यहां से उनका तबादला बिठोली थाने कर दिया गया। इस बात से नाराज दरोगा ने अपने नए तैनाती स्थल तक दौड़ लगाकर विरोध किया। उन्होंने कहा कि आरआई (रिजर्व इंस्पेक्टर ऑफ पुलिस) की तानाशाही की वजह से उनका तबादला किया जा रहा है। दरोगा ने कहा कि एसएसपी ने मुझे पुलिस लाइन में ही रहने को कहा था, लेकिन आरआई जबरन मेरा तबादला बिठोली थाने में करना चाहते हैं। आप इसे मेरी नाराजगी कहें या गुस्सा, मैने दौड़ते हुए बिठोली जाने का फैसला किया है।

दरोगा ने कहा कि वह पहले भी बिठोली में तैनात रह चुके हैं। वहां के प्रभारी से विवाद के बाद उन्हें पुलिस लाइन भेज दिया गया। लेकिन अब फिर उन्हें वहीं भेजा जा रहा है, जबकि वह न तो किसी थाने में पोस्टिंग की मांग कर रहे थे और न ही पुलिस लाइन से अलग जाना चाह रहे थे। इसलिए तबादले पर अपनी नाराजगी जाहिर करने का उन्होंने यह तरीका निकाला और तय किया कि 65 किलोमीटर की दूरी में दौड़कर नए तैनाती स्थल पहुंचेंगे।

Updated on:
16 Nov 2019 03:36 pm
Published on:
16 Nov 2019 09:58 am