चंबल पुल टूटने से हुई लोगों को परेशानी
इटावा. उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के बीच आवागमन का एक मात्र साधन चंबल नदी के पुल टूटने से पिछडे चकरनगर इलाके में व्यापक पैमाने पर बढ़े जाम से ग्रामीण खासे परेशान है। कभी लोग घंटों के जाम में फंसे है, तो कभी तेज रफ्तार भाग रहे वाहनों की चपेट में आने से बच रहे है और कुछ ग्रामीणों ने वाहनों के भय से चौराहे पर आना जाना बंद कर दिया है। वहीं संबंधित थानों में कम पुलिस बल अधिक वाहनों को कंट्रोल करने में अक्षम दिखायी दे रहा है। क्षेत्रीय जनता ने सहसों थाना क्षेत्र में पुलिस बल बढाने की मांग की है। जिससे वाहनों को कंट्रोल किया जा सके।
चम्बल पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण मध्य प्रदेश भिंड ग्वालियर जाने वाले और वापस उत्तर प्रदेश में घुसने वाले सभी वाहन चकरनगर क्षेत्र के चंबल पुल से गुजर रहे है। ओवरलोड वाहन मध्यप्रदेश के फूप चौरेला मार्ग से घुसकर लखना सिन्डौस मार्ग व चकरनगर से उदी सिंगल सडक मार्ग से होकर जिला मुख्यालय तक पहुँच रहे है।
मार्ग पर लगा भीषण जाम
ओवरलोड और लम्बी गाडिया हनुमंतपुर चौराहा की घूम कम होने से अक्सर फंस जाती है। इसके चलते अधिकतर हनुमंतपुर चौराहे पर लम्बे जाम की स्थित बनी रहती है। वहीं सहसों थाना में पुलिस आरक्षी भी काफी कम संख्या में है, जिसके चलते उक्त चौराहे पर जाम की स्थित उतपन्न हो जाती है। इस सीजन की 11 मई सबसे बडी सालग मानी गयी है। सालग के दिन शाम करीब 7 बजे हनुमंतपुर चौराहे से चकरनगर के आगे तक देर शाम 10 बजे तक लखना सिन्डौस मार्ग पर भीषण जाम लगा यहा।
घंटों बाद खुला जाम
इसके उपरांत पुलिस के काफी प्रयास के बाद जाम को खुलवाया गया। वहीं बताते चलें कि क्षेत्र में अधिक वाहनों के आवागमन और जाम से क्षेत्रीय जनता काफी परेशान तो है ही, साथ ही घटनाओं की आशंका भी बडे पैमाने पर बढ गयी है। क्षेत्र की आम जनता बुरी तरह भयभीत है, कुछ ग्रामीणों ने तो हनुमंतपुर चौराहे पर आना जाना ही बंद कर दिया है।
चंबल पुल टूटने से खनन माफिया अपने ओवरलोड वाहनों को सहसों थाना क्षेत्र से निकालना चाहते थे। इस दौरान सहसों थानाध्यक्ष उपेन्द्र सिंह ने पुलिस बल के साथ मिलकर कुछ ओवरलोड मौरंग व गिट्टी भरे ट्रकों पर सीज की कार्यवाही कर दी। इस दौरान ट्रक चालक सडक मार्ग पर ही अपने अपने ट्रकों को छोडकर भाग गये। पुलिस ने सभी को सड़क मार्ग से हटाकर सहसों थाना परिसर तक पहुंचायए।