
Etawah Safari Park celebrates K-Rupa's birthday इटावा सफारी पार्क में के-रूप (क्रूपा) शावक का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर मोमबत्ती जलाई गई और शावक को केक और मीट खिलाया गया। इस संबंध में सफारी पार्क के अधिकारियों ने बताया कि 21 अप्रैल 2025 को के रूप के साथ चार शावकों ने जन्म लिया था। जिनमें से डिलीवरी के बाद दो बच्चों के ऊपर मादा शेरनी रूपा बैठ गई। जिससे उनकी मौत हो गई। बाद में शेष दो बच्चों को भी रूपा ने नजदीक आने नहीं दिया। इटावा सफारी पार्क प्रबंधन में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में दोनों को रखा गया, लेकिन एक की मौत हो गई। सफारी पार्क प्रबंधन के लिए एकमात्र बचे मादा शावक को जिंदा रखने की चुनौती थी। के-रूपा आज अपनी पहली वर्षगांठ मना रही है।
उत्तर प्रदेश के इटावा के सफारी पार्क में आज के-रूपा का जन्मदिन मनाया गया। इस मौके पर केक काटा गया और मोमबत्ती भी जलाई गई। यही नहीं के-रूपा को केक के साथ मीट खिलाया गया। इस संबंध में सफारी पार्क अधिकारी ने बताया कि शेरनी रूपा और बब्बर शेर कान्हा से चार शावकों का जन्म हुआ था, जिसमें शेरनी रूपा जन्म देने के बाद दो शावकों के ऊपर बैठ गई। उसकी पहली डिलीवरी और अनुभव न होने के कारण यह घटना घट गई और दो शावकों की मौत हो गई। बाद में रूपा दोनों ही शावकों पर गुर्राने लगी।
सफारी पार्क प्रबंधन ने खतरे को देखते हुए दोनों शावकों को रूपा से अलग कर दिया गया और विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया। इस दौरान 16 जुलाई 2025 को एक नर शावक की भी मौत हो गई थी। अब चार शावकों में केवल एक मादा शावक 'के-रूपा' बच गई थी। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बताया कि शुरुआत में 'के-रूपा' की हालत भी काफी खराब थी।
जिसे बचाने के लिए सफारी प्रबंधन ने एक नया प्रयोग किया। 90 दिनों के बाद उसे नियोनेटल हाउस में रह रहे लेपर्ड शावकों के साथ रखा गया। सफारी पार्क प्रबंधन का यह प्रयोग काफी सफल रहा। लेपर्ड के साथ 'के-रूपा' भी हिल-मिल गई और धीरे-धीरे उनके साथ रहकर खाना-पीना भी शुरू कर दिया। लेपर्ड शावकों के साथ रहने के कारण 'के-रूपा' के सेहत में भी काफी सुधार आया। आज वह अपना पहला वर्षगांठ बना रही है।
Published on:
22 Apr 2026 06:48 pm
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