बहन की शादी में शामिल होने आए अटल जी की जेब काट ली गई थी.. तब इन्होंने किया था इंतजाम
इटावा. जननायक श्रेणी के नेताओं में पहली पायदान में सुमार देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की उत्तर प्रदेश के इटावा से विभिन्न दिलचस्प स्मृतियां जुड़ी हुई है। अपने राजनीतिक जीवन में भी वह कई बार इटावा आए और यहां के लोगों का दिल जीत लिया। अभी तक अटलजी की स्मृतियां लोगों के दिल व दिमाग में बसी हुई हैं। जैसे ही उनके निधन की खबर आई पूरा जिला गमगीन हो गया।
भाजपा के स्थानीय नेता अरविंद दीक्षित ने बताते है कि असल में अटल जी के करीबी रिश्तेदार इटावा के छिपैटी मुहाल में रहते थे इसके चलते अटल जी करीब चार दशक पूर्व नखासा में अपने रिश्तेदार दिनेश दुबे की बहन की शादी में आए थे। इसी दौरान किसी ने उनकी जेब काट ली और कुर्ते में पड़े सारे रुपए निकाल लिए। सुबह उन्हें जाना था लेकिन जेब कट जाने के बाद उनके पास रुपए भी नहीं बचे थे। तब भाजपा के लोगों ने उनके टिकट का इंतजाम किया था।
वर्ष 1991 में जब उत्तर प्रदेश में पहली बार कल्याण सिंह के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी थी तब भाजपा की प्रदेश कमेटी की बैठक इटावा में हुई थी। 1998 के ससंदीय चुनाव के दौरान अटल बिहारी वाजपेई ने जीआईसी मैदान में जनसभा को संबोधित किया था। बरसात के दौरान भी मैदान भरा हुआ था, लोग अटल का भाषण सुनने के इंतजार में डटे रहे थे।
भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व एमएलसी अशोक दुबे बताते हैं कि वह बैंक में नौकरी करते थे, अटल जी से प्रभावित होकर उन्होंने भाजपा से राजनीति शुरू कर दी। इसके बाद उन्हें लगातार अटल बिहारी वाजपेई का सानिध्य व आशीर्वाद मिलता रहा।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के निधन पर कांग्रेस ने भी शोक व्यक्त किया है। पार्टी के जिलाध्यक्ष उदयभान सिंह यादव ने कहा है कि उनके निधन से देश ने एक महान नेता खो दिया है। उन्होंने देश को एक नई दिशा दी थी। शहर अध्यक्ष मोहम्मद राशिद ने भी अटल बिहारी वाजपेई के निधन पर दुख व्यक्त किया है तथा उन्हें श्रद्धांजलि दी है।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई कवि भी रहे हैं। कवि सम्मेलन के मंचों पर भी गए हैं। उनके निधन पर कवियों व साहित्य प्रेमियों ने दुख जताया है। कवि कुश चतुर्वेदी, नेम सिंह रमन, कवि कमलेश शर्मा आदि ने कवि हृदय अटल बिहारी वापजेई के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के निधन से भाजपाई स्तब्ध हैं और उन्होंने गहरा दुख व्यक्त किया है। सांसद अशोक दोहरे ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है और उनके निधन को एक अपूर्णनीय क्षति बताया है।
सदर विधायक सरिता भदौरिया ने कहा है कि अटल बिहारी वाजपेई भारतीय राजनीति में एक सूर्य की तरह थे, जिससे लोग प्रकाशवान होते रहे। उनका निधन बेहद दुखदायक है। भरथना विधायक सावित्री कठेरिया ने कहा कि हमने एक ऐसा नेता खो दिया है जिसकी भरपाई संभव नहीं है। प्रदेश कमेटी के सदस्य गोपाल मोहन शर्मा ने अटल बिहारी वाजपेई के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि उनके निधन से भारतीय राजनीति की महान क्षति हुई है।
भाजपा जिलाध्यक्ष शिवमहेश दुबे ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई का निधन पूरे विश्व का अपूर्णनीय क्षति है। यह क्षति ऐसी है जिनकी भरपाई नहीं हो सकती। भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक प्रशांतराव चौबे ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई लोगों के हृदय में विराजमान हैं। उन्होंने देश के विकास व निर्माण के लिए अथक प्रयास किया। पूर्व विधायक केके राज, जिला मीडिया प्रभारी जितेंद्र गौड़, अरविंद दीक्षित, विवेक रंजन गुप्ता, विकास भदौरिया, विवेक भदौरिया ने अटल बिहारी वाजपेई के निधन पर शोक व्यक्त किया है।