इटावा

बस हादसे के बाद इस पुलिस अफसर की हर ओर हो रही चर्चा, जानें क्यों

इटावा के पुलिस उपाधीक्षक डा. अंजनी कुमार चतुर्वेदी की बात ही निराली है उनके जोखिम भरे काम काज की तारीफ जितनी की जाए उसे कम ही आंका और माना जाएगा।
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Updated: 17 May 2018, 12:58 PM IST
etawah

इटावा. वैसे तो पूरी की पूरी इटावा पुलिस तारीफ के काबिल है ही। जब कभी कोई किसी भी तरह का हादसा होता है तो पुलिस का हर जवान जी जान से पीड़ितों की मदद करने में जुट जाता है लेकिन इटावा के पुलिस उपाधीक्षक डा. अंजनी कुमार चतुर्वेदी की बात ही कुछ निराली है उनके जोखिम भरे काम काज की तारीफ जितनी की जाए उसे कम ही आंका और माना जाएगा क्योंकि उनके काम करने की क्षमता की बदौलत ही उनके साथ काम करने वाले पुलिसकर्मी भी उसी जी जान से जुट करके पीड़ितों की मदद करते हैं।


आज बिल्कुल ऐसा ही वाकया उस वक्त देखा गया जब आगरा कानपुर हाईवे पर हुए बस हादसे के बाद पुलिस उपाधीक्षक डा. अंजनी कुमार चतुर्वेदी हादसे वाली बस पर अपनी जान का जोखिम रखते हुए ना केवल चढ़े बल्कि उन्होंने अंदर घुसकर हताहतों को भी देखना मुनासिब समझा। उनके ऐसा करते ही साथ ही पुलिसकर्मी भी इस प्रक्रिया में जुट गए। निश्चित है जहां पुलिस अधिकारियों के कार्यशैली पर सवाल उठाए जाते हैं ऐसे में इस तरह के किसी पुलिस अधिकारी के मददगारी व्यवहार की तारीफ करने से कोई पीछे नहीं रहेगा।


हादसे वाले मौके पर मौजूद कई लोगों ने बताया कि सीओ साहब अपने सभी पुलिस कर्मियों में जोश भरे रहे ताकि जल्दी से जल्दी हादसे वाली बस के भीतर जा कर देखा जा सके कि हताहतो की स्थिति कैसी है। वैसे बस को देखने के बाद इलाकाई लोगों का मत था कि कम से कम दस या 12 लोगों की मौत हुई होगी लेकिन इस हादसे में दुर्भाग्य से 2 लोगों की मौत हुई है। हादसे के बाद मुख्यालय के डा. भीमराव अबंडेकर राजकीय सयुक्त चिकित्सालय एसडीएम सिदार्थ के साथ पहुंचने पर उन्होंने एक एक पीड़ित से ना केवल बात की बल्कि डाक्टरों से सभी को बेहतर इलाज दिलाने के संबध मे चर्चा भी की । बताते चलें कि इटावा के पुलिस उपाधीक्षक डा.अंजनी कुमार चतुर्वेदी सदर सर्किल के अलावा एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी की परीक्षा पर खरे उतरते हुए नजर आये।

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