बोले- सरकार ने मांगे नहीं मानी तो 2 जुलाई को लखनऊ में मुख्यमंत्री के समक्ष करेंगे प्रदर्शन।
इटावा. उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले सोमवार को इटावा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले सफाई कर्मियों ने कचहरी मुख्यालय पर आकर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर के धरना व प्रदर्शन किया।
अंबेडकर चौराहे से एकजुट होकर कचहरी पहुंचे सफाई कर्मियों ने नारेबाजी करके अपनी आवाज को बुलंद किया।
सफाई कर्मियो की ओर से कचहरी में आवाज दो हम एक हैं ............अभी तो यह अंगड़ाई है आगे और लड़ाई है ..........हर जोर जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है .............. के नारे लगाकर के सफाई कर्मियों ने कचहरी में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
सफाई कर्मियों के धरना प्रदर्शन में महिला सफाई कर्मियों ने भी खासी तादात में हिस्सेदारी की। ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि उनके संगठन के पदाधिकारियों का कचहरी पर धरना 10 सूत्री मांगों को लेकर के आयोजित किया गया है।
पंचायत सेवक नाम रखा जाए
इनमें से प्रमुख मांगों के तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले सफाई कर्मियों को पंचायत सेवक नाम रखा जाए। सफाई कर्मियों को ग्राम पंचायत अधिकारी की तरह से पदोन्नति दी जाए। सफाई कर्मियों को वेतन मान 1903 पर नियुक्त किया जाए जब कि अन्य विभागों के कर्मचारियों को इस सुविधा का लाभ दे दिया गया है। नवीन पेंशन योजना समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि अगर सरकार ने इन मांगों को स्वीकार नहीं किया तो आगामी 2 जुलाई को लखनऊ में मुख्यमंत्री के समक्ष धरना प्रर्दशन करेंगे।
ग्रामीण सफाई कर्मी संघ के कर्मी काफी लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं क्यों कि उनकी मांगे इस बाबत बनी हुई हैं कि उनको पंचायत विभाग का कर्मी तो माना जाता है, लेकिन जब लाभ की बात उठती है तो लाभ उनके बजाये दूसरे अन्य विभागों के साथियों को मिल जाता है।