
पेरिस। जर्मनी की उर्सुला वॉन डर लेयन ( Ursula von der Leyen ) को यूरोपीय आयोग ( european commission ) की पहली महिला अध्यक्ष के रूप में चुना गया है। फ्रांस के स्ट्रासबर्ग में यूरोपीय संसद में मंगलवार शाम को एक गुप्त मतदान में 383 वोटों से उनके नामांकन को मंजूरी दी गई। उनके खिलाफ 327 वोट थे। इसके साथ करीब 22 मतदाता उपस्थित नहीं थे।
बहुमत के लिए आवश्यक 374 वोट चाहिए थे। वह केवल नौ वोटों के छोटे से अंतर से जीत सकीं। जीत के बाद वॉन डर लेयेन ने "एकजुट और मजबूत यूरोप" का आह्वान किया।
राजनीतिक मार्गदर्शन का काम सौंपा जाएगा
60 वर्षीय निवर्तमान जर्मन रक्षा मंत्री उर्सुला वॉन डर, जीन-क्लाउड जुनकर की जगह लेंगी। वह 2014 से आयोग की अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं। वह 31 अक्टूबर को पद छोड़ेंगे। उर्सुला वॉन डर को यूरोपीय संघ के कार्यकारी निकाय का नेतृत्व करने और आयोग को राजनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करने का काम सौंपा जाएगा। यूरोपीय संघ बजट का प्रबंधन करता है, इसके साथ ईयू कानून को लागू करने के लिए जिम्मेदार है।
नया "ग्रीन डील" प्रस्तावित करेंगी
वोट से पहले, वॉन डर लेयन ने संसद सदस्यों के समर्थन को आकर्षित करने के लिए कई वादे किए। मंगलवार को यूरोपीय संसद में बोलते हुए उन्होंने कहा कि वह चाहती थीं कि यूरोप दुनिया का पहला "जलवायु-तटस्थ महाद्वीप" हो, जो 2050 तक यूरोपीय संघ को कार्बन तटस्थ बनाने के लिए एक नया "ग्रीन डील" प्रस्तावित करेगा। वॉन डेर लेयन ने लैंगिक समानता पर बात की, और कहा कि वह महिलाओं के खिलाफ हिंसा को यूरोपीय संघ के अपराधों की सूची में जोड़ने का प्रस्ताव करेगी।
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