यूरोप

Nobel Prize 2018: भौतिकी के लिए आर्थर अशकिन, गेर्राड मौरोउ और दोन्ना स्ट्रिकलैंड को नोबेल, लेजर क्षेत्र में किया था बड़ा काम

भौतिक विज्ञान केे लिए नोबेल पुरस्कार की घोषणा मंगलवार को की गई।

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Nobel Prize in Physics to Arthur Ashkin Grard Mourou Donna Strickland
भौतिकी क्षेत्र में आर्थर एश्किन और दो अन्य नोबेल पुरस्कार से सम्मानित, लेजर क्षेत्र में किया था अभूतपूर्व आविष्कार

स्टॉकहोम। भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में आर्थर अशकिन और दो अन्य को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इस अवार्ड की घोषणा मंगलवार को की गई। रॉयल स्वीडिश अकादमी ने उनके लेजर भौतिकी के क्षेत्र में अभूतपूर्व आविष्कार के लिए ये अवार्ड देने का निर्णय लिया। आर्थर अशकिन के अलावा फ्रांसीसी वैज्ञानिक गेर्राड मौरोउ और दोन्ना स्ट्रिकलैंड भी इस सम्मान को साझा करेंगे।

नोबेल के विजेता को 90 लाख स्‍वीडिश क्राउन धनराशि

इस सम्मान का एक हिस्सा अमरीकी वैज्ञानिक आर्थर अशकिन का है। वहीं दूसरे भाग पर फ्रांसीसी वैज्ञानिक गेर्राड मौरोउ और दोन्ना स्ट्रिकलैंड बराबरी के हकदार हैं। नोबेल पुरस्कार के तहत मिलने वाली राशि का आधा हिस्सा ऑर्थर और बाकी हिस्सा गेर्राड और दोन्ना को मिलेगा। बता दें कि दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार नोबेल के विजेता को 90 लाख स्‍वीडिश क्राउन धनराधि मिलती है। भारतीय मुद्रा में बात करें तो यह राशि करीब सवा 7 करोड़ रुपए से होती है।

तीनों ने मिलकर अल्ट्राबीम का आविष्कार किया

इन तीनों ने मिलकर ऐसी अल्ट्राबीम का आविष्कार किया है, जिससे किसी भी वस्तु में छेद किया जा सकता है। सबसे खास बात ये है कि इनके द्वारा बनाए गए ऑप्टिकल चिमटी की मदद से किसी भी जीवित कोशिकाओं जैसे बैक्टिरिया, वायरसों को बिना नुकसान पहुंचाए उनका परीक्षण और उनमें बदलाव किया जा सकता है। ऑप्टिकल चिमटी अपने लेजर बीम उंगलियों की सहायता से कण, परमाणु और अणुओं को पकड़ने में सक्षम होती हैं।

आने वाले समय में इन पुरस्कारों की घोषणा

सोमवार को अमरीका के जेम्स पी एलिसन और जापान के तासुकु होंजो को संयुक्त रूप से चिकित्सा के क्षेत्र का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा हुई थी। इन्हें यह सम्मान कैंसर के इलाज में इनकी बड़ी खोज के लिए दिया गया है। बुधवार को रसायन और शुक्रवार को शांति के नोबेल पुरस्कार की घोषणा होगी। आठ अक्टूबर को अर्थशास्त्र के नोबेल विजेता का नाम घोषित होगा। नोबेल के 70 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जब साहित्य के श्रेणी में नोबेल नहीं दिया जाएगा। दरअसल विवाद के बाद इस श्रेणी का पुरस्कार न देने की फैसला हुआ है।

Updated on:
02 Oct 2018 07:19 pm
Published on:
02 Oct 2018 04:09 pm