यूरोप

स्विट्जरलैंड: रोन ग्लेशियर को बचाने की कवायद, पिघलने से रोकने के लिए सफेद कम्बलों से ढंका गया

दावा किया जा रहा है कि कंबल बर्फ के पिघलने की दर को 70% तक कम कर देते हैं। लेकिन अधिकांश नुकसान पहले ही हो चुका है। 1856 के बाद से, रोन ग्लेशियर में बर्फ की मोटाई में लगभग 350 मीटर की कमी आई है।

2 min read
स्विट्जरलैंड: रोन ग्लेशियर को बचाने की कवायद, पिघलने से रोकने के लिए सफेद कम्बलों से ढंका गया

नई दिल्ली। पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहे रोन ग्लेशियर को पिघलने से बचाने के लिए उसे कंबल से ढंककर रखा गया है।स्विट्ज़रलैंड में यह रोन ग्लेशियर आल्प्स पर्वत के सबसे पुराने ग्लेशियर में से एक है।लेकिन यह तेजी से गायब हो रहा है। हर साल, ग्लेशियर की बर्फ को तेज़ पिघलने से बचने के लिए कंबल से ढक दिया जाता है।

ये भी पढ़ें

स्विट्जरलैंड में 2,540 मीटर की ऊंचाई से गिरा विमान, 20 लोगों की मौत

कंबल से बर्फ को बचाने की कवायद

स्विस पर्यावरण मंत्रालय के एक ग्लेशियोलॉजिस्ट डेविड वोल्केन ने बताया, 'पिछले आठ सालों से उन्हें बर्फीले ग्लेशियर में बर्फ को पिघलने से बचाने के लिए कंबलों से कवर करना पड़ता है। दावा किया जा रहा है कि कंबल बर्फ के पिघलने की दर को 70% तक कम कर देते हैं। लेकिन अधिकांश नुकसान पहले ही हो चुका है। 1856 के बाद से, रोन ग्लेशियर में बर्फ की मोटाई में लगभग 350 मीटर की कमी आई है। पिछले दशक में ही यह मोटाई लगभग 40 मीटर कम हो गई है। जानकारों का मानना है कि ग्लेशियर एक गर्म दिन में 12 सेमी बर्फ की मोटाई खो सकता है।

बताया जा रहा है कि रोन ग्लेशियर काफी विशिष्ट है। बीते कुछ सालों से इस इलाके में बर्फबारी में कमी आई है। जबकि ग्लेशियरों के निचले भाग तेजी से पिघल रहे हैं। जबकि कंबल पिघलने से रोकने में मदद करते हैं, लेकिन वे एक बहुत अस्थायी समाधान हैं। लुसान के एक 76 वर्षीय पर्यटक जीन-पियरे गिग्नार्ड ने कहा कि उन्होंने पहली बार 1955 में ग्लेशियर देखा, जब यह कहीं अधिक बड़े आकार का था।

ख़त्म हो जाएगा रोन ग्लेशियर !

माना जा रहा है कि कम्बलों का प्रयोग एक या दो साल के लिए बर्फ पिघलने की दर को धीमा कर देगा। लेकिन अगर बर्फ पिघलने का सिलसिला ऐसे ही चलता रहा तो एक दिन ग्लेशियर खत्म हो जाएंगे। स्विट्जरलैंड की सरकार इस ग्लेशियर को बचाने के लिए दो दशकों से कोशिश कर रही है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम भी इस मुहिम को समर्थन दे रहा है।

ये भी पढ़ें

महिलाओं के लिए असुरक्षित है भारत, यह कह कर स्विट्जरलैंड की खिलाड़ी ने भारत आने से किया मना
Published on:
07 Aug 2018 10:59 am
Also Read
View All