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सड़क पर पान थूकना पड़ गया भारी, लंदन के कोर्ट ने दो भारतीय मूल के व्यक्तियों पर लगाया लाखों का जुर्माना

लंदन में पान थूकने पर दो भारतीय मूल के लोगों पर 1000 पाउंड से अधिक जुर्माना लगाया गया। इसके बाद एक व्यक्ति के समय पर जुर्माना नहीं भरने के चलते इसकी राशी को और अधिक बढ़ा दिया गया।

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भारत

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Himadri Joshi

Mar 19, 2026

London police

लंदन पुलिस (फोटो- फर्स्ट पोस्ट एक्स पोस्ट)

ब्रिटेन में सार्वजनिक स्थानों की साफ सफाई को लेकर नियम बेहद सख्त होते जा रहे हैं। खासकर शहरी इलाकों में गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ स्थानीय प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में लंदन के ब्रेंट इलाके में दो भारतीय मूल के व्यक्तियों पर पान थूकने के कारण 1000-1000 पाउंड से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है और प्रवासी समुदाय के बीच भी जागरूकता बढ़ा रहा है।

दो लोगों पर लगा 3 लाख से अधिक का जुर्माना

जानकारी के अनुसार, एडगवेयर के रहने वाले 31 वर्षीय अक्षतकुमार भद्रे पटेल पर 11 जून 2025 को 100 पाउंड (12 हजार रुपये) का जुर्माना लगा था। पटेल पर यह जुर्माना सड़क पर पान थूकने के चलते लगा था। लेकिन पटेल ने यह जुर्माना नहीं भरा जिसके बाद मामला नॉर्थ वेस्ट लंदन मजिस्ट्रेट पहुंचा और यह जुर्माना बढ़कर 1391 पाउंड (1.7 लाख रुपये) कर दिया गया। इसके अलावा इसी कोर्ट द्वारा 12 जून 2025 को रुइस्लिप में रहने वाले 32 वर्षीय हितेश पटेल पर भी पान थूकने को लेकर 1391 पाउंड का जुर्माना लगाया गया था। दोनों जुर्मानों को मिलाकर कुल राशी 3 लाख से भी अधिक हो गई है।

नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगेगा जुर्माना

इस घटना के बाद स्थानीय अधिकारियों ने साफ किया कि जो लोग नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। जुर्माने पर बयान देते हुए प्रशासन ने कहा कि यह केवल जुर्माना नहीं बल्कि एक संदेश है कि सार्वजनिक स्थानों को गंदा करना स्वीकार्य नहीं है। रोजाना गश्त करने वाले अधिकारी ऐसे मामलों पर नजर रखते हैं और तुरंत चालान जारी करते हैं। बता दें कि ब्रेंट काउंसिल ने शहर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए सख्त नियम लागू किए हैं।

हर साल 30000 पाउंड से अधिक खर्च

परिषद का कहना है कि पान के दाग हटाना बेहद कठिन होता है और इसके लिए हर साल भारी खर्च करना पड़ता है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, पान के दाग हटाने के लिए हाई पावर मशीनों का उपयोग करना पड़ता है, फिर भी पूरी तरह सफाई नहीं हो पाती। अनुमान है कि हर साल 30000 पाउंड से अधिक खर्च केवल इस समस्या पर होता है। यह न केवल शहर की सुंदरता को प्रभावित करता है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकता है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने में सहयोग करें।