
केन्या में भारी बारिश और बाढ़। ( फोटो : ANI)
Downpour: पूर्वी अफ्रीकी देश केन्या में कुदरत ने अपना भयंकर रूप दिखाया है। यहां पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण अचानक भयंकर बाढ़ आ गई है। अचानक आए इस सैलाब ने तबाही का ऐसा मंजर दिखाया है कि अब तक कम से कम 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और कई शहरों से लेकर गांवों तक में कई फीट पानी भर गया है। पानी इतनी तेजी से आया कि लोगों को अपनी जान बचाने या संभलने का मौका ही नहीं मिला।
स्थानीय प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ का गंदा पानी घरों, दुकानों और सड़कों पर तेजी से घुस गया। कई लोग अपने ही घरों की छतों पर फंस गए, जबकि कुछ लोग पानी के तेज और जानलेवा बहाव में बह गए। घटना की जानकारी मिलते ही बचाव दल (रेस्क्यू टीम) मौके पर पहुंच गए हैं। फंसे हुए लोगों को निकालने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। हालांकि, मौसम के लगातार खराब रहने और सड़कों के टूट जाने की वजह से राहत और बचाव कार्यों में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
प्रशासन ने निचले और नदी के किनारे वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत अपने घर खाली करके सुरक्षित स्थानों पर जाने की सख्त चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने भी अलर्ट जारी किया है कि आने वाले कुछ दिनों में भारी बारिश का यह सिलसिला ऐसे ही जारी रह सकता है। इस चेतावनी ने प्रशासन और आम जनता की चिंताएं और बढ़ा दी हैं। इस जलप्रलय की वजह से हजारों लोग अपना घर-बार खो चुके हैं और अब उनके सामने सिर छुपाने और खाने-पीने का एक बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
बाढ़ से बचे हुए लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी में पानी का ऐसा खौफनाक बहाव पहले कभी नहीं देखा। पलक झपकते ही उनकी आंखों के सामने उनकी जीवन भर की कमाई और घर पानी में बह गए। केन्या सरकार ने इस भयंकर आपदा पर गहरा दुख जताया है। सरकार ने प्रभावित परिवारों को तुरंत हर संभव आर्थिक, चिकित्सकीय और खाद्य मदद पहुंचाने का आश्वासन दिया है। प्रशासन को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है।
आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें हेलीकॉप्टर और नावों की मदद से उन सुदूर इलाकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं, जिनका संपर्क बाढ़ के कारण मुख्य शहरों से पूरी तरह कट गया है। सरकार अब सड़क और पुल को हुए भारी नुकसान का आकलन कर रही है। स्थिति बिगड़ने पर केन्या सरकार संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों से भी मदद की अपील कर सकती है ताकि बेघर हुए लोगों तक जल्द से जल्द टेंट और दवाइयां बांटी जा सकें।
इस भारी तबाही ने एक बार फिर से पूरी दुनिया का ध्यान 'जलवायु परिवर्तन'और 'ग्लोबल वार्मिंग' की ओर खींच लिया है। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण ही मौसम के मिजाज में अचानक इतने बड़े और खतरनाक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। अफ्रीका महाद्वीप के कई देश इस समय अत्यधिक भयंकर सूखे या फिर विनाशकारी बाढ़ जैसी घटनाओं का लगातार शिकार हो रहे हैं। यह भविष्य के लिए एक बहुत बड़ा खतरे का संकेत है कि अगर हमने प्रकृति से खिलवाड़ बंद नहीं किया, तो ऐसी आपदाएं और आम हो जाएंगी। (इनपुट:ANI)
Published on:
03 May 2026 05:38 pm
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
