सरकार द्वारा प्रस्तावित नए संविधान संशोधन से समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देना अब असम्भव हो जाएगा
बुखारेस्ट। रोमानिया में समलैंगिक विवाह के खिलाफ आम जनता के विरोध को सरकार ने जनमत संग्रह करने का फैसला किया है। सरकार द्वारा संविधान में संशोधन से पहले पर दो दिन तक जनमत संग्रह कराएगी। बताया जा रहा है कि सरकार द्वारा प्रस्तावित नए संविधान संशोधन से समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देना अब असम्भव हो जाएगा। रोमानिया के एक रूढ़िवादी समूह ने शनिवार और रविवार को जनमत संग्रह की शुरूआत की। इस जनमत संग्रह का रोमानिया के प्रभावशाली आर्थोडॉक्स चर्च ने समर्थन किया है।
परिवार की फिर से होगी व्याख्या
रोमानिया में सरकार द्वारा प्रस्तावित संशोधन के जरिये संविधान में परिवार की परिभाषा की फिर से व्याख्या की जाएगी। इसके तहत शादी से संबंधित कानूनों में 'पति-पत्नी' शब्द की जगह 'पुरुष और महिला' शब्द का प्रयोग किया जाएगा। नए कानून के तहत अब स्त्री और पुरुष की शादी को ही शादी माना जाएगा। बता दें कि रोमानिया के कानून के तहत पहले से ही समलैंगिक विवाह पर प्रतिबंध है। लेकिन बीते कुछ दिनों से कानून की कमजोरियों का फायदा उठाकर समलैंगिक जोड़े भी अपने विवाह को शादी का नाम देने लग गए हैं।
दो खेमें में बट गया रोमानिया
समलैंगिक विवाह के मुद्दे पर रोमानिया दो खेमें में बंट गया है। प्रस्ताव का विरोध करने वालों का कहना है कि संविधान की शब्दावली में संशोधन का मकसद समलैंगिक लोगों को दोयम दर्जे के नागरिक होने का अहसास कराना है और एकल अभिभावकों या अविवाहित दंपतियों को उनके स्वाभाविक अधिकारों से वंचित करना है। उधर इस प्रस्ताव का विरोध करने वालों का कहना है कि इससे समाज में अराजकता फैल रही है। बता दें कि जनमत संग्रह के लिए कुल पंजीकृत मतदाताओं के 30 प्रतिशत वोट होने जरूरी हैं। वहीं सरकार का कहना है कि प्रस्तावित बदलाव से कानून के जरिए समलैंगिक विवाह को वैध बनाने पर रोक लगेगी।