गेविन विलियमसन साल 2017 से रक्षा मंत्री थे 23 अप्रैल की मीटिंग की जानकारी लीक होने का मामला पीएम ने कहा, अभी तक उनके पास पुख्ता सबूत नहीं
लंदन।ब्रिटेन के रक्षा मंत्री गेविन विलियमसन को जानकारी लीक मामले में बर्खास्त कर दिया गया है। एक उच्च स्तरीय बैठक की जानकारी लीक करने के मामले उन पर ये कार्रवाई की गई है। उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) की बैठक की जानकारी लीक करने का आरोप है। वह साल 2017 से रक्षा मंत्री थे। ब्रिटेन की पीएम थेरेसा मे की ओर से दी जानकारी में कहा गया कि पीएम ने पेनी मोरडंट को उनकी जगह दी है। पीएम ने कहा है कि 23 अप्रैल की मीटिंग की जानकारी लीक होना बहुत गंभीर मामला है। ये एक निराश करने वाली बात है। यह बैठक 5 जी नेटवर्क को लेकर थी, इसमे कुछ कंपनियों के नाम मीडिया में लीक होने से यह बात बढ़ गई।
घटनाओं का कोई और विश्वसनीय वर्णन नहीं
प्रधानमंत्री थेरेसा मे की बुधवार को विलियमसन के साथ मीटिंग हुई थी। इस दौरान प्रधानमंत्री मे ने कहा था कि उनके पास सचूनाएं हैं कि विलयमसन अनाधिकृत तौर पर जानकारी देने के लिए ज़िम्मेदार हैं, हालांकि अभी तक उनके पास पुख्ता सबूत नहीं हैं। विलियमसन की बर्खास्तगी पर पीएम ने कहा कि घटनाओं का कोई और विश्वसनीय वर्णन नहीं है, जिससे लीक की पहचान होती हो। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में विलियमसन ने कहा है कि उन्हें भरोसा है कि जांच उन्हें दोषमुक्त साबित कर सकती है। कंपनी हुवावे को लेकर हुए फ़ैसले की जानकारी डेली टेलीग्राफ में आने के बाद एनएससी से जानकारी लीक होने की जांच हुई। एनएससी में कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री शामिल हैं और प्रधानमंत्री की अगुवाई में इसकी साप्ताहिक बैठक होती है। दूसरे मंत्रियों और अधिकारियों को ज़रूरत के मुताबिक इसमें बुलाया जाता है। अभी तक हुवावे की भूमिका के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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