भारतीय मूल की प्रीति पटेल ने कहा है कि वह कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशश करेंगी वहीं नारायण मूर्ति के दामाद ऋषि सुनाक का कहना वह छोटे उद्योग का बढ़ावा देंगे
लंदन। ब्रिटेन के नव नियुक्त प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के कैबिनेट में भारतीय मूल के तीन लोगों को जगह मिली है। भारतीय मूल की प्रीति पटेल को गृह मंत्री बनाया है, जबकि इन्फोसिस के को-फांउडर एनआर नारायण मूर्ति के दामाद ऋषि सुनाक को भी एक अहम जिम्मेदारी मिली है।
उन्हें ब्रिटेन का ट्रेजरी मिनिस्टर बनाया गया है जबकि आलोक शर्मा को अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री बनाया गया है। गौरतलब है कि ब्रिटेन 31 अक्टूबर को यूरोपीय संघ को छोड़ देगा। जॉनसन ने उन सभी लोगों को अपने मंत्री मंडल में स्थान दिया है, जिन्होंने ब्रेग्जिट मुद्दे पर उनका साथ दिया था। ऐसे में सभी के लिए यह चुनौती होगी कि वह किस तरह से आने वाली समस्याओं से निपटते हैं।
नई सरकार को "सख्त" करने की घोषणा
जॉनसन को ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री के रूप में महारानी द्वारा नियुक्त किए जाने के कुछ घंटे बाद, उन्होंने पटेल को गृह सचिव, आलोक शर्मा को अंतर्राष्ट्रीय विकास सचिव और ऋषि सुनाक को ट्रेजरी का मुख्य सचिव नामित किया। उन्होंने गुरुवार सुबह 10 बजे डाउनिंग स्ट्रीट में अपनी पहली कैबिनेट बैठक में भाग लिया। इस दौरान सुनाक ने ब्रिटेन की नई सरकार को "सख्त" करने की घोषणा की। उनके साथी समर्थक ब्रेक्जिट प्रचारक पटेल अब यूके की सुरक्षा, आव्रजन और वीजा नीतियों के प्रभारी होंगी।
अब तक कई छोटे उद्योग ईयू से जुड़े हुए
गौरतलब है कि 47 वर्षीय पटेल ने अपराध और देश पर आए हर संकट से लड़ने की कसम खाई। उन्होंने कहा कि ब्रेक्जिट से अलग होने बाद वह नए सिरे वीजा को जारी करने पर काम करेंगी। यह निष्पक्ष होगा। उन्होंने कहा कि हम अपने लोकतंत्र में विश्वास बहाल करेंगे और हम लोगों से संसद के बार-बार किए गए वादों को पूरा करने जा रहे हैं।
इन्फोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति की बेटी अक्षता से शादी करने वाले 39 वर्षीय कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद, एमबीए स्नातक और निवेश विशेषज्ञ ऋषि सुनाक का कहना है कि अब तक कई छोटे उद्योग ईयू से जुड़े हुए हैं। ईयू से अगल होने पर ऐसे उद्योग पर गहरा असर पड़ेगा।
51 वर्षीय कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद आलोक शर्मा को अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री बनाया गया है। शर्मा ने कहा कि वह ब्रिटेन के ब्रेक्जिट से बाहर होने के बाद वह देश की वैश्विक चुनौतियों से निपटना चाहेंगे। उनके लिए जलवायु परिवर्तन, बीमारी और मानवीय आपदाएं सबसे अहम होंगी।
विश्व से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर ..