
क्या आपने कभी ऐसा भी सुना है कि किसी परीक्षा में बैठने वाले सभी अभ्यर्थी फेल हो जाएं, एक भी पास न हो। पिछले दिनों गोवा सरकार ने अकाउंटेंट के 80 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की थी। इस परीक्षा में 80 कैंडिडेट्स बैठे थे, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इनमें से एक भी इस परीक्षा को पास नहीं कर पाया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस परीक्षा को पास करने के लिए 100 में से कम से कम 50 अंक लाना अनिवार्य था, लेकिन एक भी कैंडीडेट नहीं ला पाया।
गोवा के डायरेक्टर ऑफ अकाउंट्स ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा कि 7 जनवरी 2018 को आयोजित हुए रिक्रूटमेंट एग्जाम में बैठने वाला एक भी अभ्यर्थी इस परीक्षा को पास नहीं कर सका। आपको बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में ही डायरेक्ट्रेट ऑफ अकाउंट्स ने कॉमन अकाउंट कैडर में अकाउंटेंट के 80 पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। यह परीक्षा पांच घंटे की थी और १०० अंक के इस पेपर में इंग्लिश, जनरल नॉलेज और अकाउंट्स से संबंधित प्रश्न पूछे गए थे।
इस परीक्षा को पास करने वाले कैंडिडेट्स को इसके बाद इंटरव्यू देना था, इसके बाद फाइनल सेलेक्शन किया जाना था, लेकिन अब जबकि कोई भी कैंडिडेट लिखित परीक्षा पास नहीं कर पाया है तो इंटरव्यू का तो सवाल ही नहीं उठता। उधर इस मामले पर सियासत भी गर्माने लगी है। आम आदमी पार्टी के गोवा जनरल सचिव प्रदीप पडगाउंकर ने देरी से रिजल्ट घोषित करने की निंदा की है और कहा है कि 8000 कैंडिडेट्स का फेल होना राज्य के एजुकेशन सिस्टम पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि यह गोवा यूनिवर्सिटी और कॉमर्स कॉलेजिस के लिए शर्म की बात है, जिन्होंने ऐसे ग्रेजुएट्स तैयार किए हैं। हालांकि इस मामले में अब सरकार का अगला कदम क्या होगा फिलहाल यह कह पाना थोड़ा मुश्किल है। यह परीक्षा रद्द की जाएगी, या मिनिमम पासिंग मार्क्स में कटौती की जाएगी इसके बारे में फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता।