
जयपुर। अपनी मर्जी से सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले शिक्षकों के अब पसीने आ रहे हैं। पिछले दिनों राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर की ओर से 12 और 19 अगस्त को हुई लिपिक ग्रेड द्वितीय भर्ती परीक्षा और कनिष्ठ सहायक संयुक्त सीधी परीक्षा हुई थी, जिसमें बहुत से शिक्षकों को परीक्षा लेने के लिए वीक्षक लगाया गया था। वीक्षकों को इसकी सूचना पूर्व में दे दी गई थी, लेकिन उसके बाद भी वे परीक्षा के दिन परीक्षा लेने ही नहीं पहुंचे। अब जयपुर कलक्टर ने ऐसे वीक्षकों को कारण बताओ नोटिस दिया है और तीन दिन में जवाब मांगा है। जयपुर कलक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और इसे राजकीय कार्य के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता माना है। जयपुर में करीब 50 से अधिक वीक्षकों से जयपुर कलक्टर ने जवाब मांगा है। ये वे वीक्षक हैं जो परीक्षा के दिन परीक्षा केन्द्र पर उपस्थित ही नहीं हुए।
कारण बताओ नोटिस में बताया गया है कि इन वीक्षकों के स्कूल में ईमेल, व्हाटसअप, और नोडल अधिकारी द्वारा परीक्षा केन्द्र पर उपस्थित होने के लिए सूचना भेजी गई थी। परीक्षा उपसमन्वयक और केन्द्राधीक्षक ने भी इनसे बार—बार दूरभाष पर संपर्क किया, लेकिन उसके बाद भी ये परीक्षा केन्द्र पर उपस्थित नहीं हुए। अब शिक्षा विभाग और जिला कलक्टर ऐसे वीक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।