CBSE: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सैकंडरी एजुकेशन (CBSE) की सप्लीमेंट्री परीक्षाएं 2 जुलाई से प्रारंभ होंगी। इनमें बारहवीं और दसवीं के विद्यार्थी शामिल होंगे।
CBSE: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सैकंडरी एजुकेशन (CBSE) सप्लीमेंट्री परीक्षाओं की तैयारी में जुट गया है। परीक्षाएं 2 जुलाई से प्रारंभ होंगी। इनमें बारहवीं और दसवीं के विद्यार्थी शामिल होंगे। अजमेर रीजन में इस बार बारहवीं में 11 हजार 117 विद्यार्थियों के सप्लीमेंट्री आई हैं। इनमें 7 हजार 385 छात्र तथा 3 हजार 732 छात्राएं हैं। दसवीं में 8 हजार 256 विद्यार्थियों को सप्लीमेंट्री के योग्य माना गया है। इनमें 6062 छात्र और 2194 छात्राएं हैं।
इनमें नियमित और स्वयंपाठी विद्यार्थी शामिल हैं। इसके अलावा देश में प्रयागराज, दिल्ली, गुवाहाटी, पटना, भुवनेश्वर, देहरादून, पंचकुला, चेन्नई, तिरुवनंतपुरम रीजन में भी परीक्षाएं होंगी। बारहवीं के सभी विषयों की सप्लीमेंट्री परीक्षा 2 जुलाई को होगी। दसवीं की विषयवार पूरक परीक्षा 10 जुलाई तक चलेगी। बोर्ड विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र अपलोड करने के अलावा केन्द्रों पर परीक्षा सामग्री पहुंचा चुका है।
रिवेल्यूएशन के लिए जारी किए नए नियम
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सैकंडरी एजुकेशन (CBSE) ने मार्क्स वेरीफिकेशन और रीवैल्यूएशन प्रोसेस पूरा करने के बाद मार्कशीट सरेंडर करने का सर्कुलर जारी किया है। मार्क्स वेरीफिकेशन और रीवैल्यूएशन के लिए अप्लाई करने वाले स्टूडेंट्स के अगर मार्क्स चेंज हुए हैं, तो ऐसे सभी स्टूडेंट्स को सीबीएसई के रीजनल ऑफिस में अपनी मार्कशीट सरेंडर करनी होगी।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में बोर्ड ने एक नई व्यवस्था लागू करते हुए कहा था कि अगर कोई बोर्ड स्टूडेंट मार्क्स वेरीफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन के लिए अप्लाई करता है और उसके मार्क्स कम या ज्यादा हो जाते हैं, तो उस स्टूडेंट को अपनी मार्कशीट सरेंडर करनी ही होगी। रीवैल्यूएशन के बाद आए मार्क्स ही फाइनल मार्क्स माने जाएंगे, जो बोर्ड की ओर से जारी नई मार्कशीट पर अंकित होंगे। पहले रीवैल्यूएशन के बाद मार्कशीट सरेंडर करना जरूरी नहीं था।