अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में स्थित 15 स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इसमें जिले के बालोद व दल्लीराजहरा रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं।
Amrit Bharat Station Scheme अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में स्थित 15 स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य मंडल रेल प्रबंधक संजीव कुमार के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इसमें जिले के बालोद व दल्लीराजहरा रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं। इन स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर यात्रियों के लिए अधिक आरामदायक, सुरक्षित और स्तरीय बनाया जा रहा है। भारतीय रेलवे मंडल में यात्री सुविधाओं को बेहतर करने विशेष प्रयास कर रहा है।
रेलवे स्टेशनों की सुंदरता, स्वच्छता और यात्री सेवाओं का उच्चतम स्तर सुनिश्चित किया जा रहा है। पर्यावरण-अनुकूल तकनीक और डिजाइन से पुनर्विकसित किया जा रहा है, जिससे इनकी स्थिरता और साज-सज्जा में वृद्धि हो रही है। दीर्घकालिक विकास के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जा रहा है।
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आकर्षक प्रवेश द्वार : यात्रियों के सुगम प्रवेश व निकासी के लिए भव्य प्रवेश द्वार बनाया जा रहा है। स्टेशन भी आकर्षक लगेगा।
चौड़े फुट ओवरब्रिज: इस ब्रिज को एयर कांकॉर्स के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को प्लेटफॉर्मों पर जाने में आसानी हो।
लिफ्ट : यात्रियों की सुविधा के लिए लिफ्ट की सुविधा दी जा रही है। सभी यात्रियों, विशेषकर बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को अधिक आराम मिल सके।
प्लेटफॉर्म पर कवर शेड : बारिश और धूप से बचने प्लेटफॉर्मों पर कवर शेड लगाए जा रहे हैं।
कोच गाइडेंस डिस्प्ले सिस्टम : यात्रियों को उनकी ट्रेन और कोच की स्थिति के बारे में सटीक जानकारी देने कोच गाइडेंस डिस्प्ले सिस्टम की स्थापना की जा रही है।
डिस्प्ले बोड्र्स और मार्गदर्शन साइनेज: मॉल्स की तरह, स्टेशनों पर भी दिशा निर्देशों और जानकारी के लिए आधुनिक साइनेज बोड्र्स लगाए जा रहे हैं। यात्री आसानी से स्टेशन में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं : स्टेशनों पर दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाओं का प्रावधान किया जा रहा है। रैंप, मार्क पार्किंग और लो हाइट टिकट बुकिंग काउंटर शामिल हैं। साथ ही प्लेटफॉर्म पर दिव्यांगजनों के लिए अलग से टॉयलेट, लो हाइट ड्रिंकिंग वाटर बूथ और व्हीलचेयर की व्यवस्था की जा रही है। इसके अतिरिक्त प्लेटफॉर्मों पर कोच गाइडेंस सिस्टम, साइनेज और स्टैंडर्ड टैक्सटाइल गाइड जैसे साधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे दिव्यांगजनों को ट्रेनों तक पहुंचने और आवश्यक जानकारी प्राप्त करने में आसानी होगी।
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रेलवे स्टेशनों का नव निर्माण पूर्ण होने के बाद स्थानीय कला-संस्कृति की चित्रकारी, गार्डन निर्माण कर सौंदर्यीकरण के साथ अन्य यात्री सुविधाओं का विकास व विस्तार, प्रतीक्षालयों का नवीनीकरण, सर्कुलेटिंग क्षेत्र को बेहतर बनाया जा रहा है।
सड़कों को चौड़ा कर सुगम मार्ग बनाना, सुव्यवस्थित पार्किंग एरिया डेवलप करना, बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करना, डिजाइनर साइनेजेस, स्टेशन पहुंचने के लिए सुगम मार्ग बनाने जैसे विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं।
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इन पुनर्विकास परियोजनाओं के तहत स्टेशनों को न केवल भौतिक रूप से मजबूत किया जा रहा है बल्कि अत्याधुनिक सुरक्षा उपाय जैसे सीसीटीवी कैमरे और आपातकालीन सेवाओं की त्वरित उपलब्धता भी की जा रही है। यात्रियों के सफर को अधिक सुरक्षित, आरामदायक और सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
मंडल द्वारा किए जा रहे ये कार्य न केवल रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि क्षेत्रीय विकास और आर्थिक वृद्धि में भी सहायक सिद्ध होंगे।