बालोद जिले में लोग जागरूकता अभियान के बाद भी साइबर क्राइम के शिकार हो रहे हैं। इस साल जनवरी से लेकर नवंबर माह तक साइबर क्राइम साइबर ठगी के कुल 15 मामले सामने आए। इनमें से अधिकतर जो मामले हैं, उसमें लोग लालच में आकर ठगी के शिकार हुए हैं।
Cyber fraud बालोद जिले में लोग जागरूकता अभियान के बाद भी साइबर क्राइम के शिकार हो रहे हैं। इस साल जनवरी से लेकर नवंबर माह तक साइबर क्राइम साइबर ठगी के कुल 15 मामले सामने आए। इनमें से अधिकतर जो मामले हैं, उसमें लोग लालच में आकर ठगी के शिकार हुए हैं। इन 15 मामलों में अभी तक पुलिस ने 6 मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं 9 प्रकरण में अभी भी विवेचना जारी है। वहीं पुलिस लोगों से अपील भी कर रही है कि किसी भी अनजान कॉल से अगर कोई ऑफर, लकी ड्रॉ व जॉब लगने वाली बात कहे या फिर आपके खाते नंबर व ओटीपी नंबर पूछे तो भूलकर न दें।
शुभम ठाकुर पिता स्व. धुरउ राम ठाकुर निवासी पथराटोला थाना राजहरा ने 22 मई को थाना राजहरा आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि किसी अज्ञात मोबाइल 6289235775 व 7294007436 धारक ने उसके मोबाइल पर कॉल कर कहा कि वह मुंबई मेन ब्रांच से बोल रहा है। आपका आरबीआई चार्ज, जीएसटी चार्ज, इनकम टैक्स बाकी है, जिसे जमा नहीं करने पर आपके खाते की संपूर्ण राषि सरकारी खाते में चली जाएगा, जो वापस नहीं आएगी। यह कहने पर प्रार्थी अज्ञात व्यक्ति के झांसे में आ गया। उसने 17 फऱवरी से 6 मई तक यूपीआई के माध्यम से अज्ञात व्यक्ति के बताए हुए खातों में कुल 24 लाख 92 हजार रुपए ट्रांसफर किए। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना राजहरा में धारा 420 भादवि 66 डी आईटी एक्ट पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आरोपी की पतासाजी के लिए सीएसपी राजहरा देवांश सिंह राठौर के नेतृत्व में थाना प्रभारी राजहरा सुनील तिर्की के हमराह सायबर सेल व थाना राजहरा से 5 सदस्यीय विषेश टीम बना कर आरोपी की पतासाजी के लिए बिहार रवाना किया।
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आरोपी सोनू कुमार पिता रविभूषण भूमियार उम्र 19 साल पता ग्राम महरत थाना शाहपुर जिला नवादा बिहार को बीहड़ जंगल से टीम द्वारा घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने बताया कि उन्होंने फर्जी तरीके से पश्चिम बंगाल से सिमकार्ड खरीदकर और ग्राम डेल्हा जिला गया में फर्जी बैंक खाता खुलवाया था। फेसबुक के माध्यम से छत्तीसगढ़ का मोबाइल नंबर प्राप्त कर उनसे ठगी करता है। उसने बताया कि नजदीक के शेखपुरा व बरबिगा के एटीएम में जाकर धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को अपने घर के आलमारी में सुरक्षित रखता है, जिसे आरोपी की निशानदेही पर टीम द्वारा स्थानीय थाना शाहपुर से मदद लेकर रेड कार्रवाई कर आरोपी के कब्जे से विधिवत जब्त किया व घटना में प्रयुक्त 3 नग मोबाइल जब्त कर आरोपी को जेल भेजा गया।
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ग्राम दरबारी नवागांव निवासी तामेश्वर कुमार साहू से अज्ञात साइबर ठग ने 95 हजार 238 रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली। कस्टमर केयर के फर्जी टोल फ्री नंबर पर कॉल करने के बाद ठगी की। बालोद थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया गया। तामेश्वर ने बताया कि उसने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए बैंक अकाउंट को मोबाइल के एप से लिंक किया है। 28 नवंबर को खेत में था। इस दौरान शाम 7.20 बजे पुरेंद्र सिन्हा ने कॉल कर जानवर के लिए दवाई को भाई विरेंद्र साहू को देने संबंधित चर्चा की। दवाई की कीमत 2150 रुपए बताने पर ऑनलाइन भुगतान किया। पुरेंद्र सिन्हा ने कॉल करके जानकारी दी कि अब तक पैसा नहीं मिला है। तब चेक करने पर मालूम हुआ कि मिस्टेक से पुरेंद्र सिन्हा की बजाय पुरेंद्र साहू के बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर हो गया है, जिसके बाद पुरेंद्र सिन्हा के बताए गए टोल फ्री नंबर पर कॉल करने पर संबंधित व्यक्ति ने एप को चालू करने कहा। एप को चालू करने पर मोबाइल नंबर के 5 अंक को एप में डालने कहा। अंक डालने के बाद अज्ञात व्यक्ति ने 9999 दर्ज करने के लिए कहा। इसके बाद 95 हजार 238 ट्रांजेक्शन का मैसेज आया।
इसी माह 3 दिसंबर को किसान ने उनके साथ 3 लाख 51 हजार 500 रुपए की ठगी होने की शिकायत पुलिस से की। किसान के मुताबिक अज्ञात नंबर से कॉल आया था। उसके बताए गए नंबर पर पैसा ट्रांसफर कराया था और उनके खाते से 3 लाख 51 हजार 500 रुपए की ठगी हो गई। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।
वहीं जिले में लगातार सामने आ रहे साइबर ठगी के मामले में एसपी एसआर भगत ने कहा कि साइबर ठगी से बचने जागरूकता व सावधानी ही उपाय है। कोई भी अनजान नंबर से लालच वाली स्कीम, नौकरी लगाने के नाम पर कॉल, किसी बैंक या कोई कंपनी का अधिकारी बनकर कॉल करे व आपके खाते की जानकारी पिन नंबर मांगे तो भूलकर न दें। आपकी एक गलती से ठगी के शिकार हो सकते है। सावधानी बहुत जरुरी है।