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राजहरा बाबा मंदिर परिसर में फिर दिखा भालू, फैली दहशत

लौह अयस्क नगरी के वन क्षेत्र से सटे वार्ड 1 स्थित राजहरा बाबा मंदिर परिसर में भालू के विचरण करने से लोगों में दहशत का माहौल रहा। हालांकि भालू ने किसी भी व्यक्ति को कोई हानि नहीं पहुंचाया, मगर वन विभाग ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
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लौह अयस्क नगरी के वन क्षेत्र से सटे वार्ड 1 स्थित राजहरा बाबा मंदिर परिसर में भालू के विचरण करने से लोगों में दहशत का माहौल रहा। हालांकि भालू ने किसी भी व्यक्ति को कोई हानि नहीं पहुंचाया, मगर वन विभाग ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

लौह अयस्क नगरी दल्लीराजहरा के वन क्षेत्रों से लगे रिहाइशी इलाकों में इन दिनों जंगली जानवरों की आवक लगातार बढ़ती जा रही है। बीती रात नगर के जंगल क्षेत्र से सटे वार्ड 1 स्थित राजहरा बाबा मंदिर परिसर में एक विशालकाय भालू के विचरण करने से क्षेत्र के निवासियों में दहशत का माहौल बन गया। मंदिर परिसर में भालू को निडर होकर घूमते देख वहां मौजूद एक युवक ने सतर्कता बरतते हुए अपने मोबाइल से इसका वीडियो बना लिया। यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर अपलोड हुआ, देखते ही देखते पूरे नगर में तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच चर्चा तथा चिंता का मुख्य विषय बन गया।

भालू को सुरक्षित वापस जंगल की ओर खदेडऩे का प्रयास

वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों ने वन विभाग को इसकी तत्काल सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की गश्ती टीम बिना देरी किए मौके पर पहुंची और क्षेत्र में मुस्तैदी बढ़ाते हुए भालू को सुरक्षित रूप से वापस जंगल की ओर खदेडऩे का प्रयास शुरू कर दिया। मंदिर में भालू की आमद देख वन परिक्षेत्र दल्लीराजहरा के रेंजर संतोष कुमार ठाकुर मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में भालू श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नारियल के टुकड़े को खाने पहुंच रहा है साथ ही उनके द्वारा मूर्ति के पास जलाए गए दीए में भरे तेल को भी जंगली भालू पी रहा है। इसी के चलते भालू संध्या होते ही मंदिर परिसर में पहुंच रहा है।

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वन विभाग के चार चौकीदार की लगाई ड्यूटी

उन्होंने बताया कि भालू की आमद को देखते हुए मंदिर परिसर की छत पर वन विभाग के 4 चौकीदार की ड्यूटी लगाई गई है, जो भालू को जंगल की ओर भगाने का कार्य करेंगे। विभाग के अधिकारियों ने मंदिर के पुजारी को नारियल के टुकड़े व उसके छिलके इत्यादि को मंदिर से दूर जाकर फेंकने को कहा गया है। ताकि भालू खाने के लालच में मंदिर तक न पहुंचे।

मंदिर परिसर की छत पर बैठा भालू।

पहले भी वार्ड-2 में मंडरा चुका है भालू का खतरा

राजहरा बाबा मंदिर परिसर और इसके आसपास के इलाकों में बीते कुछ दिनों से लगातार भालू की गतिविधि दर्ज की जा रही है। इससे पहले भी वार्ड 2 में कई दिनों तक लगातार भालू को रिहाइशी बस्ती के करीब घूमते हुए देखा गया था, जिससे क्षेत्रवासी रतजगा करने को मजबूर हो गए थे। उस समय मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ बालोद अभिषेक अग्रवाल स्वयं ग्राउंड ज़ीरो पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों से सतर्क रहने और सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

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अपील का रखें ध्यान

अंधेरे में आवाजाही से बचें: देर रात या तड़के मंदिर परिसर व जंगल से लगे इलाकों में अकेले जाने से बचें।
रोशनी की व्यवस्था रखें: रात के समय बाहर निकलते वक्त टॉर्च या मोबाइल फ्लैशलाइट का उपयोग अनिवार्य रूप से करें।
शोर मचाएं: समूह में चलते समय आपस में बातचीत करते रहें या हल्का शोर करें, ताकि जानवर सचेत होकर दूर हट जाएं।
छेड़छाड़ न करें: भालू या किसी भी वन्यजीव को देखने पर उसके करीब जाकर फोटो या वीडियो बनाने का जोखिम न उठाएं और न ही उसे उकसाएं।