
बालोद जिला जेल में पदस्थ जेल प्रहरी महेंद्र वर्मा अचानक लापता हो गए हैं। इससे जेल प्रशासन में हड़कंप है। 13 अगस्त को ड्यूटी पर आने के बाद वे जेल से बाहर चले गए और फिर नहीं लौटे। लापता होने से पहले उन्होंने अपने भांजे के मोबाइल पर एक वीडियो भेजा। इसमें उन्होंने बताया कि उनकी स्कूटी की डिक्की में एक पत्र रखा है। परिजनों ने डिक्की खोली तो उसमें 8 पन्नों का पत्र मिला, जो पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर के नाम संबोधित था। परिजन तत्काल बालोद थाने पहुंचे और गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस उनकी तलाश कर रही है, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला है।
उन्होंने पत्र की शुरुआत बेटे जयंत के नाम से की। उसमें लिखा कि वह अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हट रहे हैं। बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने पैरों पर खड़े होने और परिवार का ध्यान रखने कहा। बेटे से कलेक्टर और दूसरे बेटे से डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने की इच्छा जताई।
पत्नी किरण वर्मा और माता-पिता से भी माफी मांगते हुए लिखा कि वह उनके बुढ़ापे का सहारा नहीं बन पाएंगे। पत्र के अंत में उसने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और परिवार को बालोद से अन्यत्र शिफ्ट कर बच्चों का अच्छे स्कूल में दाखिला कराने की अपील की।
यह भी पढ़े :
पत्र के एक हिस्से में महेंद्र ने मानसिक तनाव और कथित प्रताडऩा का जिक्र किया है। उन्होंने मनीष संभाकर समेत कुछ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने जेल में तलाशी से जुड़ी एक घटना का भी उल्लेख किया है। दावा किया है कि 12 अगस्त की शाम उनके साथ तलाशी के दौरान कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार किया गया।
उन्होंने अपनी प्रतिदिन तलाशी लेने का भी उल्लेख किया है और जेल में बंदियों एवं सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कुछ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और उसकी जांच कराने की मांग भी की है।
यह भी पढ़े :
उन्होंने पत्र में जेलर पर मानसिक प्रताडऩा और दबाव बनाने का आरोप लगाया है। जेल के अंदर एक बंदी से मोबाइल मिलने के मामले में उन्हें जिम्मेदार ठहराया जा रहा था और आरोप अपने ऊपर लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। दुर्ग जेल अधीक्षक मनीष संभाकर का नाम लेते हुए मानसिक तनाव का जिक्र किया है।
पत्नी किरण वर्मा ने बताया कि 13 अगस्त को भांजे के पास वीडियो आया। जब वह जेल पहुंची तो पता चला कि पति की ड्यूटी अंदर थी, लेकिन उसने बाहर ड्यूटी मांगी और जेल के बाहर आकर कुछ लिखकर चला गया।
जिला जेल के जेलर एसके कुर्रे ने सिर्फ इतना कहा कि महेंद्र वर्मा के लापता होने की जानकारी मिली है। इसके बाद फोन काट दिया।
एएसपी चंद्रकांत गवर्ना ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर बालोद थाने में गुमशुदगी दर्ज की गई है। जेल के पास स्कूटी की डिक्की से 4-5 पेज का पत्र और मोबाइल मिला है। मामले की जांच की जा रही है।
दिसंबर 2025 में भी बालोद जिला जेल परिसर से एक मोबाइल बरामद हुआ था। इसके बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे। फिलहाल पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच और महेंद्र वर्मा के मिलने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
संबंधित विषय:
Updated on:
14 Aug 2026 09:32 pm
Published on:
14 Aug 2026 09:32 pm
