फैजाबाद

पूर्व मंत्री ने शिवपाल को दी चुनौती, सेक्युलर मोर्चे पर दिया बड़ा बयान

समाजवादी पार्टी में छिड़ी रार के बीच सेक्युलर मोर्चे के नेता शिवपाल सिंह याजव व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने-अपने संगठन को मजबूत करने में जुट गए हैं।
2 min read
Sep 18, 2018
Shivpal
Shivpal

फैजाबाद. समाजवादी पार्टी में छिड़ी रार के बीच सेक्युलर मोर्चे के नेता शिवपाल सिंह याजव व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने-अपने संगठन को मजबूत करने में जुट गए हैं। हालांकि इस दौरान सार्वजनिक मंचों पर ये दोनों ही दिग्गज एक दूसरे के सवाल पर कन्नी काटते दिख रहे हैं। इसी बीच शिवपाल ने एक बयान में अखिलेश व धर्मेंद्र यादव के खिलाफ सेक्युलर मोर्चे से प्रत्याशी उतारकर लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है, जिससे प्रतीत हो रहा है कि शिवपाल अपने मोर्चे को लेकर 2019 चुनाव में अब कोई भी ढ़िलाई बरतने वाले नहीं है। वहीं फैजाबाद में समाजवादी पार्टी की सरकार में पूर्व मंत्री तेज नारायण पाण्डेय उर्फ़ पवन ने शिवपाल यादव पर निशाना साधते हुए उन्हें बीजेपी का एजेंट बता दिया है।

फैजाबाद में सपा सरकार में वन राज्य मंत्री रह चुके पवन पाण्डेय की शिवपाल यादव के समाजवादी सेक्युलर मोर्चा मोर्चा बनाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। तेजनारायण पांडेय ने एक मीडिया सम्बोधन में कहा शिवपाल यादव अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि शिवपाल यादव भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। वो सपा प्रमुख अखिलेश यादव की नीतियों से डरे हुए हैं।

सपा से इस्तीफा देकर शिवपाल लड़े उपचुनाव-
समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता यहीं नहीं रुके और कहा कि शिवपाल यादव सपा का कुछ नहीं बिगाड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिवपाल यादव का कोई जनाधार नहीं है। उन्होंने दावा किया कि मुलायम सिंह और अखिलेश के बिना शिवपाल यादव जसवंतनगर सीट भी नहीं जीत सकते हैं। इसके अलावा पवन पाण्डेय ने शिवपाल को चुनौती देते हुए कहा कि वो पार्टी छोड़ इस्तीफा देकर उपचुनाव लड़ कर देख लें।

अखिलेश-धमेंद्र के खिलाफ लड़ेगा मोर्चा-
आपको बता दें शिवपाल ने मंगलवार को मैनपुरी में एक बयान में कहा कि आगामी लोकसभा चुनावों में मोर्चा राज्य की 80 सीटों पर चुनाव लड़ेगा। इसकी के साथ ही सपा प्रमुख अखिलेश उनकी पत्नी डिंपल और परिवार के धर्मेंद्र यादव के खिलाफ भी मोर्चा उम्मीदवार खड़ा करेगा। उन्होंने कहा कि अब किसी तरह के समझौते की गुजांइश नहीं बची है। पीछे हटने का भी सवाल ही पैदा नहीं होता। अब तो धर्मयुद्ध होने वाला है।

Published on:
18 Sept 2018 07:52 pm