जिले में नगर पंचायत चुनाव को लेकर चारों नगर पंचायतों में घमाशान मचा हुआ है।
फर्रुखाबाद. जिले में नगर पंचायत चुनाव को लेकर चारों नगर पंचायतों में घमाशान मचा हुआ है। नगर पंचायत कॉम्पिल महाभारत काल के समय से प्रसिद्ध है क्योंकि वहां पर द्रोपदी कुंड आज भी बना हुआ है कोई नहीं जानता कि पानी कहां से आता है। वहीं शमशाबाद नबाबों का शहर कहा जाता है। कमालगंज राजा भोज का शहर माना जाता है मोहम्मदाबाद में नीव करोरी मन्दिर की खासियत मानी जाती है।
देखना यह होगा कि जो नगर पंचायत की कुर्सी पर अभी तक बैठे रहे। विकास के नाम पर जमकर अपनी अपनी जेबों को भरा है जनता उनके नसीब का फैसला कैसे करती है यह मतदान होने के बाद ही मालूम पड़ेगा। लेकिन जिन लोगों ने उनको चुना था वहीं उनको दोबारा कुर्सी पर बैठाने के विचार में नहीं है। चारों नगर पंचायतों में बहुत से राजनीति के माध्यम से चुनाव जीतने की जुगाड़ लगाने में लगे हुए है। नगर पंचायतों के चुनाव में सपा भाजपा की जंग सभी को अभी से दिखाई देने लगी है।
नगर पंचायत कमालगंज में कुल 12 वार्ड, 6 मतदान केंद्र व 14 बूथ हैं। अनंतिम मतदाता सूची में 11117 वोटर अंकित हैं। नगर पंचायत शमसाबाद के 15 वार्डों के 23231 वोटर 8 पोलिंग स्टेशन के 27 मतदेय स्थलों पर मतदान करेंगे। नगर पंचायत कंपिल के दस वार्डों में 8380 वोटर हैं। दस वार्डों के वोटरों के लिए चार मतदान केंद्र व 10 बूथ बनाए गए हैं। नगर पंचायत मोहम्मदाबाद के 15 वार्डों के 20541 मतदाता निकाय क्षेत्र में स्थित 11 मतदान केंद्रों के 27 बूथों पर वोट डालेंगे। अनंतिम प्रकाशन की सूचना के अनुसार जनपद के आधा दर्जन नगर निकायों के 119 वार्डों के 318502 वोटर 117 मतदान केंद्रों के 387 बूथों पर मताधिकार का उपयोग करेंगे।
पहला चुनाव बन सकता कैशलेस चुनौती
चार नगर पंचायतों में ग्रामीण क्षेत्र अधिक होता है जिस कारण लोग घर-घर जाकर अपने मिलने वाले लोगों के माध्यम से वोटरों के लिए खर्चा पानी पहले से ही पहुंचाना शुरू कर दिया है। एक तरफ प्रसाशन दावा करता रहता है कि चुनाव में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को नहीं होने दिया जायेगा। फिर भी उम्मीदवार जो इस चुनाव में अपने को जीता हुआ मान रहे हैं उन सभी ने वोटरों को लुभाना शुरू कर दिया है।