फर्रुखाबाद

‘पता नहीं बाबा किससे क्या सेवा ले लें’, फिल्म ‘हनुमान अंश’ और नीम करौली धाम के विकास पर बोले मुख्य पुजारी

Neem Karoli Dham: नीम करौली धाम के मुख्य पुजारी त्यागी जी महाराज ने बताया कि बाबा नीम करौली की साधना और सिद्धि का मुख्य केंद्र फर्रुखाबाद का नीम करौली गांव है। धाम के विकास और ‘हनुमान अंश’ फिल्म पर भी बात की।
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Neem Karoli Baba Original Place
नीम करोली धाम के मुख्य पुजारी श्री श्री त्यागी जी महाराज।(pc: ians video grab)

Neem Karoli Baba Original Place: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में स्थित नीम करौली धाम ही बाबा नीम करौली महाराज की वास्तविक साधना और सिद्धि का मुख्य केंद्र है। धाम के मुख्य पुजारी श्री श्री त्यागी जी महाराज के अनुसार, बाबा को जो अलौकिक सिद्धियां प्राप्त हुईं, वे 1912 से 1935 के बीच इसी स्थान पर की गई कठिन साधना से मिली थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कैंची धाम बाद में प्रसिद्ध हुआ, लेकिन बाबा का मूल और प्राथमिक स्थान फर्रुखाबाद का नीम करौली गांव ही है।

मुख्य पुजारी ने कहा कि बाबा का मूल नाम लक्ष्मण दास था। उनके नाम पर ही नीम करौली रेलवे स्टेशन का नाम पड़ा, जो धाम से करीब पांच मिनट की दूरी पर है। उन्होंने बताया कि बाबा वर्ष 1912 में नीम करौली गांव पहुंचे थे। बाबा ने इसी स्थान पर साधना की और यहीं उन्हें आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त हुईं।

बाबा के हाथों बनी हनुमान जी की मूर्ति

त्यागी जी महाराज ने धाम में मौजूद हनुमान जी की मूर्ति को भी विशेष बताया। उन्होंने कहा कि यह मूर्ति बाबा नीम करौली महाराज ने स्वयं मिट्टी और गोबर से तैयार की थी। आज भी मूर्ति उसी स्वरूप में धाम में स्थापित है। मंगलवार और शनिवार को इसका विशेष श्रृंगार किया जाता है और चोला चढ़ाया जाता है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर मंदिरों में पत्थर की मूर्तियां देखने को मिलती हैं, लेकिन यहां स्थापित हनुमान जी की मूर्ति बाबा के अपने हाथों से तैयार की गई मानी जाती है। इसी कारण इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व अलग है।

पर्यटन और तीर्थ स्थल के रूप में विकसित हो रहा धाम

मुख्य पुजारी ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए बताया कि सरकार की ओर से नीम करौली धाम को पर्यटन और तीर्थ सर्किट के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसे पर्यटन स्थल और तीर्थ स्थल घोषित कर दिया गया है और चौकी भी बनवा ली गई है।

उन्होंने बताया कि पहले एक खेड़ा गांव था, लेकिन 2014 के बाद से, खासकर 2015-17 से, बदलाव शुरू हुआ है। आश्रम में बड़ा हॉल, किचन हॉल और दो कमरे बनवाए गए हैं, जो पर्यटन और तीर्थ स्थल बनने के बाद ही संभव हुआ है। इसमें मुख्यमंत्री का विशेष ध्यान है और इसे और भी बड़ा किया जा रहा है। यह पहले से ही बड़ा धाम है और अब पूरी तरह बन भी गया है। 14-15 साल पहले उन्होंने संकल्प लिया था कि यह बड़ा धाम बनेगा, जो आज पूरा हो गया है।

कैंची धाम को लेकर मुख्य पुजारी ने कहा कि वह पहाड़ी क्षेत्र में है और वहां ठंडा मौसम होने के कारण विदेशी पर्यटक ज्यादा आते हैं, इसलिए वह थोड़ा ज्यादा हाईलाइट हो गया है। लेकिन बाबा का मुख्य और शुरुआती स्थान फर्रुखाबाद जिले का नीम करौली गांव ही है। बाबा को जो कुछ भी सिद्धियां मिलीं, जो भी प्राप्त हुआ, वह यहीं से मिला।

'हनुमान अंश' फिल्म को बताया बाबा का खेल

बाबा नीम करौली महाराज के जीवन पर बन रही फिल्म 'हनुमान अंश' को लेकर भी त्यागी जी महाराज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बाबा की सेवा के लिए कौन माध्यम बनेगा, यह कहा नहीं जा सकता। उन्होंने फिल्म को भी बाबा की इच्छा और उनकी लीला से जोड़ते हुए कहा कि भगवान का काम इसी तरह होता है और पता नहीं किस व्यक्ति से कब कौन-सी सेवा ले ली जाए।

Updated on:
06 Sept 2026 08:25 am
Published on:
06 Sept 2026 08:12 am