पटाखा दुकानों पर फायर सेफ्टी के प्रशाशन द्वारा किये जा रहे दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं।
फर्रुखाबाद. पटाखा दुकानों पर फायर सेफ्टी के प्रशाशन द्वारा किये जा रहे दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। फर्रुखाबाद के विभिन्न स्थानों पर आतिशबाजी की दुकानें सज गई है। यहां पसरी बदइंतजामी खतरों की ओर इशारा कर रही हैं। दुकानदारों ने आतिशबाजी लगाई है, लेकिन नियम के अनुसार हर दुकान के बीच तीन मीटर का फासला तय होना चाहिए था, पर इस बात का बिलकुल ध्यान नहीं रखा गया।
फर्रुखाबाद के विभिन्न इलाकों में लगी सैकड़ों लाइसेंसी और गैर लाइसेंसी दुकानों पर आग बुझाने के उपकरण नहीं हैं। अगर हैं भी तो उपकरण खाली है जिनमें आग बुझाने के लिये गैस नहीं है । साथ ही पटाखा बाजार में सिक्युरिटी का कोई सिस्टम नहीं है, जिसके चलते किसी भी समय धमाके की आशंका बनी हुयी हैं। इस बार पूरे जिले में 240 अस्थाई दुकानों के लाइसेंस दिए गये हैं। स्थाई दुकानों के 43 लाइसेंस थे। जिनमें 11 दुकानदारों ने अपने लाइसेंसों का नवीनीकरण नहीं कराया है। अधिकतम 50 किलो विस्फोटक सामग्री के रखने की छूट लाइसेंस धारक को है। लेकिन हकीकत कोसो दूर है वही आबादी वाले इलाकों में बारूद बनाई जा रही है।
दीपावली के पर्व पर किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने के लिए शासन ने आतिशबाजी बिक्री पर कई तरह की बंदिशें लगा दी हैं| इसके अतिरिक्त घातक पटाखों के बनाने और बेचने को प्रतिबंधित कर दिया है|
चुहिया, सुतली और दैमार बम हुए प्रतिबंधित-
दीपावली पर इस बार चुहिया, सुतली और दैमार बमों की आवाज शायद सुनाई नहीं पड़ेगी| शासन ने तेज आवाज के इन पटाखों के बनाने और बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया है| इसके साथ ही अनार, लाईट और हल्की आवाज के पटाखे ही बाजार में मिलेंगे| सभी तरह की आतिशबाजी की विक्री आबादी क्षेत्र से हटकर खुले मैदानों पर होगी| सड़क किनारे भी आतिशबाजी नहीं बेचीं जाएगी| शहर में इसके लिए लगभग 10 स्थानों का चयन किया गया है|
फायर अधिकारी भजन लाल ने बताया एसीएम व एसडीएम की टीम फर्रुखाबाद के विभिन्न इलाकों में पटाखा बाजारों का निरीक्षण कर रही है। पुलिस व फायर विभाग के अफसरों को प्रसाशन की तरफ से निर्देशित किया गया है कि अगर पटाखा बाजार के आसपास किसी भी तरह की आतिशबाजी, पटाखा छुड़ाने या ज्वलनशील सामग्री का उपयोग होता है। तुरंत एक्शन लिया जाए इस संबंध में क्षेत्रीय पुलिस को भी साफ निर्देश दिए गए हैं।