
फर्रुखाबाद. पुलिस ने एसपी के भय से बीती रात दो सट्टा एजेंटों को गिरफ्तार किया। एक पर नशीला पाउडर भी लगाया गया। पुलिस पर विश्वास करें तो बीती रात रेलवे रोड चौकी इंचार्ज राजेश कुमार ने आधा दर्जन पुलिसकर्मियों के सहयोग से सटोरिये हरिश्चंद्र राजपूत को पकड़ा। चौकी इंचार्ज राजेश कुमार ने मोहल्ला असगर रोड निवासी हरिश्चंद्र पुत्र स्वर्गीय सुंदरलाल के विरुद्ध सट्टा एवं मादक पदार्थ अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के मुताबिक चौकी इंचार्ज राजेश कुमार ने हमराह सिपाही कमल किशोर एवं स्वाट टीम के सिपाही रवि, सत्येंद्र सिंह, ओवैस खान, निशान एवं अनूप कुमार के साथ रात 23.10 बजे हरिश्चंद्र राजपूत ठिकाने पर छापा मारा।
पुलिस ने हरिश्चंद्र के पास 16220 रूपये सट्टा पर्ची एवं उसकी जेब से 180 ग्राम नशीला पाउडर बरामद किया। गिरफ्तारी के दौरान हरिश्चंद्र ने पुलिस को बताया कि मैं अपने इस्तेमाल के लिए नशीला पाउडर लाया था और जरूरत मंद लोगों को बेच भी देता हूं। तिकौना चौकी इंचार्ज महेश कुमार बीती रात 12.30 बजे मोहल्ला नवाब दिलावर जंग में छापा मारकर काली देवी मंदिर के पास रामनिवास पंडित के मकान में किराए पर रहने वाले सटोरिये रिषी पाल पुत्र तिलक राम को गिरफ्तार किया।जिसके पास सट्टा पर्ची एवं 3380 रुपए बरामद हुए। रिषी मोहल्ला हाता सफदर खा का मूल निवासी है।
पुलिस ने मोहल्ला घेरश्यामू का निवासी सुशील शर्मा पुत्र शीशराम एवं कोतवाली कायमगंज के मोहल्ला कटरा रहमत का निवासी अमित कुमार शाक्य पुत्र रामबाबू की जमानत पर रिशी पाल को छोड़ दिया। पुलिस हिरासत में हरिश्चंद्र राजपूत ने बताया कि मैं सट्टा माफिया राधाकिशन वर्मा के लिए कमीशन पर नंबर लिखता था मेरे पास सट्टा पर्ची एवं रुपयों के अलावा अन्य कोई सामान नहीं मिला। पुलिस ने नशीला पाउडर लगाया है। सट्टा के नंबर लिखने से पहले मैं परचून की दुकान चलाता था उसने बताया कि मेरे मोहल्ले का दिव्यांग भाटिया उसका बेटा कल्लू तथा कमर उसका भाई उमर एवं मुख्त्यार भी खुलेआम सट्टा लिखते हैं।
सिल्वर शाइन वाली गली गली में रामू बाथम एवं बंटी पांडे सट्टे का कारोबार करते हैं। मालूम हो कि सट्टा माफिया राधा किशन वर्मा थाना मऊदरवाजा के मोहल्ला आमीन खां में खुलेआम रहता है। पूरे जिले में सट्टे का सबसे बड़ा उसी का अवैध कारोबार है। रोज लाखों रुपये सट्टे की खाईवाली करने वाला करने वाले राधा किशन ने जिले के गांव मोहल्लों मे सैकडों एजेंट हैं। निश्चित रकम मिलने के कारण पुलिस ने आज तक राधाकिशन वर्मा को गिरफ्तार नहीं किया है। जब भी शक्ति होती है तब पुलिस राधा किशन के एजेंटों को गिरफ्तार कर खानापूर्ति करती है।