
पेंशन के लिए दादी को ठेले पर लिटाकर बैंक पहुंचा पोता (फोटो सोर्स- 'X' @Srishtivishwak4)
Farrukhabad Pension News: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में बैंक कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही और संवेदनहीनता का मामला सामने आया है। यहां एक पोता अपनी 73 साल की बीमार दादी को ठेले (रेहड़ी) पर लिटाकर पेंशन की रकम निकालने के लिए बैंक ले जाने पर मजबूर हो गया। बुजुर्ग महिला का कूल्हा टूटा हुआ है और वह बिस्तर से उठ भी नहीं सकती है। इस घटना की फोटो एक 'X' यूजर ने शेयर की हैं। घटना की फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुईं और लोगों ने बैंक की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
फर्रुखाबाद की यह घटना फतेहगढ़ के हाथी खान मोहल्ले की है। यहां रहने वाली 73 साल की किशन प्यारी के पति बिजली विभाग में काम करते थे। उनकी मौत के बाद किशन प्यारी को हर महीने पेंशन मिलती है, जिससे उनका घर चलता है। पिछले दिनों एक हादसे में उनका कूल्हा टूट गया था, जिससे वह चलने-फिरने में पूरी तरह लाचार हो गईं।
बुजुर्ग महिला के पोते मनु पाल ने बताया कि वह गुरुवार को बैंक गया था और उसने वहां के कर्मचारियों को दादी की बीमारी के बारे में बताया था। मनु का आरोप है कि बैंक कर्मियों ने उसकी बात को अनसुना करते हुए नियमों का हवाला दिया और बुजुर्ग महिला को खुद बैंक लाने की जिद पर अड़ गए। मजबूरी में शुक्रवार को पोता अपनी दादी को ठेले पर लिटाकर, धूप से बचाने के लिए ऊपर छाता लगाकर बैंक पहुंच गया। रास्ते में किसी ने इसका फोटो-वीडियो बनाकर इंटरनेट पर डाल दिया।
इस घटना ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के उन नियमों को फिर चर्चा में ला दिया है जो बुजुर्गों की सहूलियत के लिए बनाए गए हैं। आरबीआई की गाइडलाइंस के अनुसार, 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और गंभीर रूप से बीमार ग्राहकों के लिए बैंकों को 'डोरस्टेप बैंकिंग' यानी घर पर सेवा देने के स्पष्ट निर्देश हैं। इस नियम के तहत यदि कोई खाता धारक शारीरिक रूप से असमर्थ है, तो बैंक प्रतिनिधि को उसके घर जाकर जीवित प्रमाण पत्र, केवाईसी वेरिफिकेशन और भुगतान जैसी औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। इस मामले में इन नियमों का स्पष्ट उल्लंघन देखा गया।
विवाद बढ़ने के बाद बैंक मैनेजर ने अपनी सफाई में कहा कि जब युवक बैंक आया था, तो उससे कहा गया था कि अगर लाने की हालत हो तो ले आएं, कोई कर्मचारी बाहर गाड़ी के पास आकर ही पैसे दे देगा। जब उसने बताया कि पैर टूटा है, तो हमने कहा था कि एक-दो दिन रुक जाओ, हम किसी स्टाफ को घर भेजकर कार्रवाई करवा देंगे। हमारे बैंक में हर महीने ऐसे 3-4 मामले आते हैं और हम मदद करते हैं।
Updated on:
7 Jun 2026, 9:31 PM IST
Published on:
7 Jun 2026, 9:31 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.