
ई-रिक्शा चालक ने नाबालिग लड़की को कोठे पर छोड़ा, PC- Gemini
फर्रुखाबाद : आठ मई की दोपहर। गांव के घर में मां-बाप जैसे हर रोज़ काम में लगे थे। 17 साल की एक बच्ची चुपचाप घर से निकल गई। उसके मन में सिर्फ एक ख़्वाब था। अपने प्रेमी अभिषेक से मिलना। वो सोचती होगी कि बस एक बार मिल ले, सब ठीक हो जाएगा।
ट्रेन पकड़ी। फर्रुखाबाद स्टेशन पर उतरी। बाहर निकलते ही रिक्शा ढूंढा। बोली, 'खानपुर जाना है।' ई-रिक्शा वाले ने सिर हिलाया। लेकिन वो रिया को खानपुर नहीं, फतेहगढ़ के कुटरा गांव ले गया। एक ऐसे घर में, जहां दिन-रात अजनबी लोगों की आवाजाही रहती थी। जैसे ही रिया घर के अंदर घुसी, दरवाजा बंद हो गया। ताला लग गया। तुम अब यहां से नहीं जा सकती
घर के अंदर तीन लोग थे। खुशबू, अनिल यादव और उसकी पत्नी हेमा। रिया को डराया-धमकाया गया। बताया गया कि अब वो उनकी 'माल' है। घरेलू काम के नाम पर और गंदे इरादों के साथ उसे बंधक बना लिया गया। रिया(बदला हुआ नाम) ने पुलिस को बाद में बताया, 'मैं डरी हुई थी। वहां कई और महिलाएं थीं। दिन भर लोग आते-जाते रहते थे। मुझे लगता था कि कहीं मेरा भी वही हाल न हो जाए।' सात दिन तक वो उस कमरे में कैद रही। बाहर दुनिया क्या सोच रही होगी, इसकी उसे खबर नहीं थी।
घर पर जब रिया शाम तक नहीं लौटी, मां-पिता परेशान हो गए। पूरे गांव में खोजबीन शुरू की। कहीं कुछ पता नहीं चला। आखिरकार सोमवार को मां ने थाने में रिपोर्ट लिखाई। गौरव और अभिषेक के नाम प्राथमिकी दर्ज हुई। पुलिस ने गंभीरता से काम लिया। दरोगा कमलेश कुमार की टीम लगातार छानबीन कर रही थी।
शुक्रवार देर रात। फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के कुटरा गांव में एक साधारण सा घर। पुलिस की टीम ने अचानक दबिश दी। दरवाज़ा तोड़ा तो अंदर रिया मिल गई। सहमी हुई, थकी हुई, लेकिन जिंदा। पुलिस ने तुरंत खुशबू, अनिल यादव और हेमा को गिरफ्तार कर लिया। तीनों को शनिवार को जेल भेज दिया गया।
रिया को देखते ही उसके परिवार वाले रो पड़े। मां ने बेटी को सीने से लगा लिया। सात दिन की अनिश्चितता, डर और दहशत खत्म हो गई थी।
पुलिस को अब उस ई-रिक्शा चालक की तलाश है, जिसने रिया को जानबूझकर उस कोठे पर उतारा। फतेहगढ़ कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ललित कुमार का कहना है कि किशोरी सकुशल है और आगे की जांच चल रही है।
Updated on:
17 May 2026 11:48 am
Published on:
17 May 2026 11:47 am
बड़ी खबरें
View Allफर्रुखाबाद
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
