Akhilesh Yadav:फतेहपुर में चाय दुकानदार आर्यन यादव की दुकान पर तोड़फोड़ और मारपीट के आरोप के बाद मामला गरमा गया। अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए आर्यन को समर्थन और रोजगार सुरक्षित रखने का भरोसा दिया है।
फतेहपुर में चाय की दुकान चलाने वाले आर्यन यादव अचानक सुर्खियों में आ गए हैं। आर्यन का आरोप है कि कुछ दबंग उनकी दुकान में घुस आए और जमकर तोड़फोड़ की। इतना ही नहीं, उनके,उनके पिता और बहन के साथ मारपीट भी की गई, जिससे वे घायल हो गए। इस घटना के बाद से वह बहुत डरा हुआ है।आर्यन का कहना है कि वह एक साधारण दुकानदार हैं और अपनी रोजी-रोटी के लिए मेहनत करते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाओं ने उनका जीवन और कारोबार दोनों प्रभावित कर दिया है। वही स्थानीय लोग भी इस घटना को लेकर नाराजगी जता रहे हैं।
बताया जा रहा है कि घटना से पहले आर्यन की दुकान पर फूड सेफ्टी विभाग की टीम पहुंची थी। टीम ने दुकान की जांच की और कुछ सवाल भी उठाए। इसी के बाद हालात बिगड़ने लगे। आर्यन का आरोप है कि छापेमारी के तुरंत बाद कुछ लोग उनकी दुकान पर पहुंचे और हमला कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या यह सब महज संयोग था या इसके पीछे कोई साजिश है। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा है और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मामले को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार और फूड सिक्योरिटी विभाग पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि भाजपा सरकार को जवाब देना चाहिए कि एक पीडीए समाज के चायवाले को पलायन के लिए कौन मजबूर कर रहा है। उन्होंने इसे आम आदमी पर अत्याचार बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े करती हैं और जनता में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं।
अखिलेश यादव ने आर्यन को भरोसा दिलाया कि वह अकेले नहीं हैं और पूरा पीडीए समाज उनके साथ खड़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि इस तुच्छता पूर्ण व्यवहार का संज्ञान लेते हुए, इस मामले से जुड़े हुए अराजक तत्वों और अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई करेंगे और अपने राज्य पर लगनेवाले पलायन के दाग़ से बचेंगे, नहीं तो लोग कहेंगे जो मुख्यमंत्री जी एक आम चायवाले की रक्षा अपने दल के अवांछनीय तत्वों से नहीं कर सकते हैं वो पूरा प्रदेश क्या चलाएंगे। अगर मुख्यमंत्री जी को अपने दल के उस असामाजिक तत्व का नाम नहीं पता हो तो हम बता देंगे। अगर फिर भी कुछ नहीं हुआ तो हम आर्यन के रोज़गार के लिए पुख़्ता व्यवस्था करेंगे क्योंकि हमें उसके हाथ की बनी और प्रेम से भरी चाय बहुत अच्छी लगी थी।