प्रदोष काल युक्त अमावस्या, स्थिर लग्न व स्थिर नवांश में महालक्ष्मी का पूजन करना श्रेष्ठ होता है। सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त शाम 7.34 से 7.47 बजे तक रहेगा
दीपावली कार्तिक कृष्ण अमावस्या पर गुरुवार को मनाई जाएगी। पंडित दामोदर प्रसाद ने बताया, प्रदोष काल युक्त अमावस्या, स्थिर लग्न व स्थिर नवांश में महालक्ष्मी का पूजन करना श्रेष्ठ होता है। सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त शाम 7.34 से 7.47 बजे तक रहेगा। ज्योतिषियों के अनुसार इस दिन तुला राशि में सूर्य, चंद्र, बुध और गुरु की युक्ति से चतुर्ग्रही योग बनेगा। शुभ संयोग में लक्ष्मीजी का पूजन विशेष फलदायी होगा।
गोवर्धन पूजा या अन्नकूट महोत्सव पर शुक्रवार को भगवान को नई फसलें (चावल, बाजरा, चौले, मूंग आदि) का भोग लगाया जाएगा। गोविंद देव मंदिर में दोपहर १२ से १ बजे तक अन्नकूट झांकी के दर्शन होंगे। इस दिन राजभोग की झांकी के दर्शन नहीं होंगे। इस्कॉन मंदिर (मानसरोवर), कृष्ण-बलराम मंदिर (जगतपुरा ), आनंद कृष्ण बिहारी मंदिर (चांदनी चौक) में भी विशेष आयोजन होंगे। वहीं, शनिवार को बहनें भाई की लंबी आयु के लिए भाईदूज पर व्रत रखेंगी। सर्वार्थसिद्धी योग में पूजा-अर्चना की जाएगी।
वैधृति नामक अत्यंत दुद्र्धर्ष और बाधाकारक अशुभ योग सायं ४.०० बजे तक, तदुपरान्त विष्कुंभ नामक योग है। गुरुवार को चित्रा के योग से बना चर योग वैधृति नामक योग की अशुभता को स्वत: ही निर्मूल कर देता है। अत: जो लोग दिन में अपने कार्यस्थान, कार्यालय, प्रतिष्ठान आदि पर श्री महालक्ष्मी जी पूजा करना चाहते हैं वे श्रेष्ठ चौघडिय़ों के अनुसार व शुभ लग्नानुसार पूजा कर सकते हैं।
पूजन के मुहूर्त
प्रदोष काल : शाम 5.51 बजे से रात 8.23 बजे तक
वृष लग्न : शाम 7.22 से रात्रि 9.19 बजे तक
सिंह लग्न : मध्यरात्रि बाद 1.52 से 4.08 बजे तक
लक्ष्मी पूजन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्तः शाम ७.३४ से ७.४७ बजे तक
चौघडि़ए मुहूर्त
अमृत व चर : शाम 5.51 से रात्रि 9.01
लाभ : मध्यरात्रि 12.11 से 1.46 बजे तक
शुभ-अमृत : अन्तरात्रि बाद 3.22 से 6.33 बजे तक
दिन के मुहूर्त
चौघडिय़ा और समय
शुभ : सुबह 6.32 बजे 7.57 बजे तक
चर : सुबह 10.47 बजे से 12.12 बजे तक
लाभ : दोपहर 12.12 बजे से 1.36 बजे
अमृत : दोपहर 1.36 बजे से 3.02 बजे तक
शुभ : शाम 4.27 बजे से 5.51 बजे तक
गोवर्धन पूजन का समय
चर, लाभ, अमृत : सुबह ६.३३ से १०.४७
शाम को पूजन व मर्दन का समय - प्रदोष काल : ५.५१ मिनट से रात्रि ८.२० बजे तक
भाईदूज पूजन का मुहूर्त
शुभ : सुबह ७.५८ बजे से ९.२२ बजे
चर, लाभ अमृत : १२.१२ से ४.२५ बजे