यदि आप मनाही के बावजूद इन कार्यों को करते हैं, तो आपको भगवान की नाराजगी का प्रकोप झेलना पड़ सकता है। ज्योतिषाचार्य पं. प्रदीप पांडे पत्रिका.कॉम के इस लेख में आपको बता रहे हैं इस माह में वर्जित माने गए कार्यों के बारे में...
फाल्गुन माह की शुरुआत हो चुकी है। हिन्दु कैलेंडर के मुताबिक फाल्गुन का महीना साल का 12वां महीना है। सनातन धर्म में हर माह किसी न किसी देवी या देवता को समर्पित होता है। इसी तरह फाल्गुन का यह महीना देवों के देव महादेव को समर्पित माना गया है। उनके साथ ही यह महीना श्री कृष्ण और चंद्रमा की उपासना का महीना भी माना गया है। आपको बता दें कि फाल्गुन का यह महीना 6 फरवरी 2023 से शुरू हो चुका है। इस माह का समापन 8 मार्च को होगा। साल के इस 12वें माह में महाशिवरात्रि, होली, फुलैरा दूज जैसे कई प्रमुख व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं। इसीलिए इस माह को लेकर शास्त्रों में कुछ नियम बताए गए हैं, वहीं कुछ कार्यों को वर्जित माना गया है। यदि आप मनाही के बावजूद इन कार्यों को करते हैं, तो आपको भगवान की नाराजगी का प्रकोप झेलना पड़ सकता है। ज्योतिषाचार्य पं. प्रदीप पांडे पत्रिका.कॉम के इस लेख में आपको बता रहे हैं इस माह में वर्जित माने गए कार्यों के बारे में...
फाल्गुन मास में भूलकर भी न करें ये गलतियां
- फाल्गुन महीने में गरम पानी से नहाने से बचना चाहिए। इस माह में गरम पानी से नहाना फायदे के बजाय शरीर को नुकसान पहुंचाता है।
- फाल्गुन महीने में अनाज का सेवन कम से कम करना चाहिए।
- यह रंगों का महीना है, इसलिए रंगीन कपड़े पहने काले-सफेद कपड़े पहनने से बचें।
- इस माह को शास्त्रों में बेहद पवित्र माना गया है। इसलिए इस महीने में मांस-मछली का सेवन न करें।
- इस महीने में शराब आदि के नशे से भी बचना चाहिए।
- यदि आप अपने से बड़े, बुजुर्गों या फिर किसी के भी साथ बुरा बर्ताव करते हैं, तो यह आपके लिए विनाशकारी हो सकता है।
फाल्गुन महीने में आने वाले व्रत त्योहारों की लिस्ट
* 9 फरवरी- संकष्टी चतुर्थी व्रत, कृष्ण पक्ष की चतुर्थी
* 12 फरवरी- यशोदा जयंती
* 13 फरवरी- शबरी जयंती
* 14 फरवरी- जानकी जयंती
* 16 फरवरी- विजया एकादशी
* 18 फरवरी- महाशिवरात्रि, वैद्यनाथ जयंती, शनि प्रदोष व्रत
* 19 फरवरी- पंचक प्रारंभ
* 20 फरवरी- फाल्गुन अमावस्या (सोमवती अमावस्या)
* 22 फरवरी- फुलैरा दूज
* 23 फरवरी- विनायक चतुर्थी
* 24 फरवरी- पंचक समाप्त, माता शबरी जयंती
* 27 फरवरी- होलाष्टक प्रारंभ
* 3 मार्च- आमलकी एकादशी, रंगभरी एकादशी
* 4 मार्च- प्रदोष व्रत, गोविंद द्वादशी
* 7 मार्च- होलिका दहन
* 8 मार्च- होलाष्टक समाप्त, होली, फाल्गुन मास समाप्त