गुप्त नवरात्रि- नवमी तिथि को कर लें ये उपाय, माँ दुर्गा भर देंगी सारे भंडार
माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्र पर्व मनाया जाता है। गुप्त नवरात्र में माँ दुर्गा की गुप्त रूप से पूजा अर्चना करने के साथ ही भगवान शिवजी एवं माता पार्वती की पूजा करने का विधान भी है। शास्त्रों की मान्यतानुसार गुप्त नवरात्र की साधनाएं एवं किये गये उपाय शीघ्र ही फल देने लगते हैं। माघ मास की गुप्त नवरात्रि की नवमी तिथि 2 एवं 3 फरवरी 2020 को है। इन को करने से माँ दुर्गा प्रसन्न होकर अपने बच्चों की खाली झोली भर देती है।
माँ दुर्गा अपने भक्तों के कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहती है। गुप्त की नवमी की रात में मां दुर्गा एवं शिव-पार्वती की उपासना विशेष विधि विधान है। नवमी तिथि को किये गये ये कोई भी उपाय कभी खाली नहीं जाते। इन उपायों को करने से व्यक्ति की सभी तरह की मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। इन उपायों को करने वाला रातोंरात भी मालामाल बन सकता है।
1- गुप्त नवरात्र की नवमी तिथि की रात्रि में 10 बजे से ठीक पहले गंगाजल मिले जल से स्नान करके घर के पूजा स्थल की थोड़ी सी जगह को गाय के गोबर से लीप लें, और उसी जगह पर गाय के घी का दो मुंह वाला एक दीपक जलायें । दीपक के सामने एक कपूरी पान के पत्ते पर 5 लौंग, देशी कपूर, 5 इलायची और गुग्गल के साथ कुछ मीठा रखकर महाशक्ति की आरधना करें। ऐसा करने से कुछ ही दिनों में धन की आवक शुरू हो जायेंगी।
2- गुप्त नवरात्र की नवमी तिथि की रात को दुर्गा जी के मंदिर में धन-वैभव की कामना से कपूरी पान के पत्ते पर केसर, चंदन का इत्र एवं गाय का घी मिलाकर छोटा सा स्वास्तिक बनाएं, अब इस पर कलावा बांधकर एक सुपारी रख दें, धन संबंधित सभी परेशानिया खत्म हो जायेगी।
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